रानीखेत/देहरादून। अंतरिक्ष विज्ञान, ब्रह्मांड और खगोल अध्ययन में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा विज्ञान प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन 16 से 22 मार्च 2026 तक किया जा रहा है। ‘वॉयेज थ्रू द कॉसमॉस’ नामक यह शैक्षणिक कार्यक्रम पूर्णतः ऑनलाइन माध्यम से आयोजित होगा तथा इसमें भाग लेने के लिए पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है।
यह कार्यक्रम भक्तिवेदांत संस्थान, कोलकाता द्वारा आयोजित किया जा रहा है। उत्तराखंड के विद्यार्थियों तक इस वैश्विक शैक्षणिक पहल को पहुँचाने के लिए राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रानीखेत तथा उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकोस्ट), देहरादून ज्ञान सहयोगी (नॉलेज पार्टनर) के रूप में जुड़े हैं। यह ज्ञान साझेदारी डॉ. भारत पांडेय के प्रयासों से संपन्न हुई है, जिन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक मंचों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
एक सप्ताह तक चलने वाली इस व्याख्यान श्रृंखला में विश्व के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के लगभग बीस ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक अपने व्याख्यान देंगे। इनमें कैलिफोर्निया प्रौद्योगिकी संस्थान (अमेरिका), स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय (अमेरिका), हार्वर्ड विश्वविद्यालय (अमेरिका), प्रिंसटन विश्वविद्यालय (अमेरिका), शिकागो विश्वविद्यालय (अमेरिका), यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (ब्रिटेन), वेस्टर्न सिडनी विश्वविद्यालय (ऑस्ट्रेलिया), केप टाउन विश्वविद्यालय (दक्षिण अफ्रीका), कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय सैंटा क्रूज़ (अमेरिका), ओक्लाहोमा स्टेट विश्वविद्यालय (अमेरिका), ट्यूलन विश्वविद्यालय (अमेरिका), अहमदाबाद विश्वविद्यालय (भारत) तथा टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान, मुंबई जैसे प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं।
इन विशेषज्ञों द्वारा ब्रह्मांड की उत्पत्ति, ग्रहों और तारों की संरचना, आकाशगंगाओं के रहस्य, अंतरिक्ष अनुसंधान की नवीनतम खोजें, स्ट्रिंग सिद्धांत, क्वांटम विज्ञान और ब्रह्मांड के मूलभूत सिद्धांतों जैसे विषयों पर सरल एवं रोचक व्याख्यान प्रस्तुत किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की वैज्ञानिक समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम का समय सोमवार से शुक्रवार सायं 5 बजे से 8 बजे तक तथा शनिवार और रविवार प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक निर्धारित किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्यक्रम उत्तराखंड के दूरस्थ, पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। जो छात्र संसाधनों या दूरी के कारण बड़े शिक्षण संस्थानों तक नहीं पहुँच पाते, वे अब ऑनलाइन माध्यम से घर बैठे विश्वस्तरीय वैज्ञानिकों के व्याख्यान सुन सकेंगे। निःशुल्क पंजीकरण की सुविधा आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष अवसर प्रदान करती है।
निःशुल्क पंजीकरण के लिए ऑनलाइन प्रपत्र इस लिंक पर उपलब्ध है:
https://forms.gle/rrksoziTfHEqfpu88
आयोजकों ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और विज्ञान में रुचि रखने वाले सभी लोगों से इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक अवसर का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है।

