घरेलू रसोई गैस के इस्तेमाल और कालाबाजारी की संभावना को देखते हुए प्रशासन सख्त, संयुक्त मजिस्ट्रेट ने टीम बनाकर की छापेमारी।
रिपोर्ट- बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत। गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी अंशुल सिंह के निर्देश पर संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात ने पूर्ति विभाग, रानीखेत गैस सर्विस और पुलिस टीम के साथ शहर के विभिन्न होटलों और रेस्टोरेंटों में छापेमारी अभियान चलाया।
दरअसल, व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति फिलहाल प्रभावित होने के कारण होटल, रेस्टोरेंट और खान-पान की दुकानों में घरेलू गैस के इस्तेमाल और कालाबाजारी की आशंका बढ़ गई है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बाजार क्षेत्र में निरीक्षण किया। छापेमारी के दौरान कुछ होटलों से व्यावसायिक गैस सिलेंडर भी जब्त किए गए।
संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात ने बताया कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से जानकारी दी गई है कि घरेलू गैस की आपूर्ति के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। घरेलू गैस सिलेंडर का रिफिल कम से कम 25 दिन के बाद कराया जा सकता है और फिलहाल मैनुअल बुकिंग की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि घबराकर गैस का अतिरिक्त स्टॉक जमा करने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने बताया कि घरेलू गैस की आपूर्ति आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी सुनिश्चित की जाएगी। वहीं व्यावसायिक गैस कनेक्शन के लिए फिलहाल आपूर्ति नहीं की जा रही है।
संयुक्त मजिस्ट्रेट ने कहा कि निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर ऐसे सिलेंडर मिले हैं, जिनकी रिफिल से संबंधित जानकारी संचालक उपलब्ध नहीं करा पाए। यदि वे यह स्पष्ट नहीं कर पाते कि सिलेंडर कब और कैसे रिफिल कराया गया, तो नियमानुसार उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

