27 सूत्रीय मागों को लेकर उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के बैनर तले शाखा रानीखेत के इंजीनियर पांचवे दिन भी हड़ताल पर, कहा मांग पूरी होने तक रहेगा कार्य बहिष्कार।
रिपोर्ट- बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत । जहा धामी सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में “जन-जन की सरकार: 4 साल बेमिसाल” थीम के अंतर्गत सम्पूर्ण राज्य मे विभिन्न कार्यक्रम चलाये जा रहे है। वही उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के बैनर तले पूरे प्रदेश मे 23 तारीख से इंजीनियर्स हड़ताल पर चल रहे है।
देखने वाली बात तो यह है कि जहा सरकार अपने चार सालों की योजनाओ का गुणगान कर रही है। वही डिप्लोमा इंजीनियर्स अपनी 27 सूत्रीय मागों को लेकर हड़ताल पर चले गए। हड़ताल मे शाखा रानीखेत के समस्त इंजीनियर्स जिसमे प्रान्तीय खण्ड, निर्माण खण्ड, सिचाई खण्ड, प्राधिकरण, ग्रामीण निर्माण विभाग के इंजीनियर आज पांचवे दिन भी हड़ताल पर डटे रहे।
बता दे कि कुछ माह पूर्व उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के पदाधिकारियों ने अपने अधिवेशन मे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक मांग पत्र दिया था। लेकिन आज नौं महीने बीतने के बाद भी मांग पत्र पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जिस कारण उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया।
इंजीनियर अजय टम्टा मण्डल अध्यक्ष (कुमाऊ), उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने कहा कि हमारी महासंघ ने जो हमें एक आंदोलन कार्यक्रम दिया था। जिसमे 27 सूत्रीय मांगों का ये मांग भी हमारी समस्याएं हैं।
इसमें जब पिछली बार जून में हमारा अधिवेशन हुआ था, तो मुख्यमंत्री जी ने कहा था कि बहुत ही जल्द आपकी समस्याओं का निस्तारण कर दिया जाएगा। लेकिन आज 9 महीने बीतने के बाद भी उनकी तरफ से इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया, तो विवश होकर हम करीब 3800 डिप्लोमा इंजीनियर 23 मार्च से हड़ताल पर चले गए हैं, और आज लगभग पांचवे दिन बाद भी कही से कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। महासंघ की ओर से हमें निर्देश मिला है कि ये हड़ताल जारी रहेगी जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती।
इंजीनियर हरीश सिंह नेगी अध्यक्ष, उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ, शाखा रानीखेत ने बताया कि उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियरर्स महासंघ के बैनर तले हमारी जो 27 मांगे हैं, जो मांग भी हैं और समस्याएं भी। जहां तक हम इंजीनियरिंग संवर्ग के लोग हैं, हमसे कर्तव्यों की अपेक्षा की जाती है, पर बात जहां हमारे अधिकारों की आती है, वहां हमारी उपेक्षा कर दी जाती है। इन्हीं सभी समस्याओं को लेकर हम सारे डिप्लोमा इंजीनियर आज हड़ताल पर आए हुए हैं।
इस अवसर पर इं० दिनेश गिरीराज, इं० कुन्दन सिंह, इं० जे०सी० पाण्डेय, इं० हेम चन्द्र जोशी, इं० आर० के० चौधरी, इं० दीपक कुमार, इं उमेश लाल साह, इं० प्राजल पलड़िया, इं० प्रदीप कुमार, इं० हर्षित वर्मा, इं० संजय पन्त, इं० रजत थपलियाल, इं० भावना थापा, इं० चन्द्रप्रभा सहित विभिन्न विभागों के डिप्लोमा इंजीनियर्स उपस्थित रहे।
बैठक की अध्यक्षता इं० हरीश सिंह नेगी एवं संचालन इं० ललित सिंह सिराड़ी द्वारा किया गया।

