अल्मोड़ा में क्षेत्र पंचायत बैठकों को लेकर सख्त हुए डीएम, अधिकारियों की अनुपस्थिति पर होगी कार्रवाई

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अल्मोड़ा। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने क्षेत्र पंचायत की बैठकों में विभागीय अधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 2026-27 के लिए विकासखण्डवार रोस्टर तैयार कर दिया गया है और सभी अधिकारियों को अपने विभाग से संबंधित पूर्ण जानकारी के साथ इन बैठकों में अनिवार्य रूप से भाग लेना होगा।

डीएम ने कहा कि क्षेत्र पंचायत की बैठकें ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा और स्थानीय समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण मंच हैं। इन बैठकों में अधिकारियों की अनुपस्थिति न केवल पंचायती राज व्यवस्था के प्रति असम्मान दर्शाती है, बल्कि इससे प्रशासन को जमीनी समस्याओं की सही जानकारी भी नहीं मिल पाती, जिससे विकास कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी अपरिहार्य कारणवश कोई जिला स्तरीय अधिकारी बैठक में शामिल नहीं हो पाता है, तो उसे पूर्व में जिलाधिकारी से लिखित अनुमति लेनी होगी तथा अपने स्थान पर वरिष्ठतम अधिकारी को बैठक में भेजना सुनिश्चित करना होगा।

जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को भी निर्देशित किया कि वे प्रत्येक क्षेत्र पंचायत बैठक की तिथि, समय, स्थान और एजेंडा समय पर सभी विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। साथ ही बैठक के तीन दिन के भीतर अनुपस्थित अधिकारियों की सूची मुख्यालय को भेजी जाए ताकि उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र पंचायत से प्राप्त प्रस्तावों और शिकायतों को विधिवत सदन में चर्चा के बाद प्रस्ताव संख्या सहित संबंधित विभागों को भेजा जाए तथा अगली बैठक में उन पर हुई कार्रवाई की जानकारी प्रस्तुत की जाए।

जिलाधिकारी ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए सभी विकासखण्डों—हवालबाग, सल्ट, द्वाराहाट, स्याल्दे, ताकुला, ताड़ीखेत, भिकियासैंण, चौखुटिया, लमगड़ा, भैसियाछाना और धौलादेवी—की बैठकों की तिथियां पूर्व निर्धारित कर दी गई हैं, जिससे किसी अधिकारी के पास बैठक में अनुपस्थित रहने का कोई बहाना नहीं रहेगा।

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