रानीखेत। स्व० जय दत्त वैला स्व० संग्राम सेनानी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 24–25 मार्च 2026 को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के अवसर पर हिन्दी विभाग प्रभारी डॉ. निर्मला जोशी की दो महत्वपूर्ण पुस्तकों का भव्य विमोचन किया गया।
संगोष्ठी का आयोजन उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के प्रायोजन तथा देवभूमि उद्यमिता योजना के संयुक्त तत्वावधान में “उद्यमशीलता, नवाचार एवं सतत विकास” विषय पर महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. नवीन चन्द्र जोशी, प्रभारी मानसखंड विज्ञान केन्द्र ने अपने मुख्य व्याख्यान में विज्ञान आधारित उद्यमों के लिए वित्तीय संसाधन सुरक्षित करने के विभिन्न उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने नवाचार, अनुसंधान तथा स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी रणनीतियों पर भी विचार साझा किए।
विमोचन समारोह के दौरान डॉ. निर्मला जोशी की दो पुस्तकों— श्रीलाल शुक्ल के कथा साहित्य में चेतना का स्वरूप और भोजपुरी साहित्य में लोकजीवन की अभिव्यक्ति —को हिन्दी साहित्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और समकालीन बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि पहली पुस्तक में श्रीलाल शुक्ल के कथा साहित्य में निहित सामाजिक चेतना का गहन विश्लेषण किया गया है, जबकि दूसरी पुस्तक भोजपुरी साहित्य में लोकजीवन की सजीव अभिव्यक्ति को उजागर करती है।
इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने पुस्तकों की विषयवस्तु की सराहना करते हुए उन्हें शोध एवं अध्ययन के लिए उपयोगी बताया। महाविद्यालय परिवार ने डॉ. निर्मला जोशी को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए आशा जताई कि उनकी ये कृतियाँ हिन्दी साहित्य को नए आयाम प्रदान करेंगी।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।

