रानीखेत में कांग्रेस का ज्ञापन: मुख्यमंत्री राहत कोष के वितरण में पारदर्शिता और प्रशासनिक निगरानी की मांग

Share the News

रिपोर्टर बलवंत सिंह रावत 

रानीखेत (अल्मोड़ा)। मुख्यमंत्री राहत कोष की धनराशि के वितरण में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर रानीखेत कांग्रेस कमेटी ने संयुक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि राहत कोष की राशि वास्तविक पात्र व्यक्तियों तक नहीं पहुंच पा रही है और राजनीतिक दबाव के चलते योग्य लाभार्थियों को सहायता से वंचित किया जा रहा है।

कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष का उद्देश्य आपदा, बीमारी और अन्य विषम परिस्थितियों में जरूरतमंदों को त्वरित सहायता प्रदान करना है, लेकिन वर्तमान में इसकी वितरण प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि राहत राशि का वितरण पूरी तरह प्रशासन की निगरानी में किया जाए और प्रक्रिया को पारदर्शी एवं नियमबद्ध बनाया जाए।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि पात्र लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित की जाए, ताकि सहायता वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे और किसी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात की स्थिति न बने। साथ ही भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग भी की गई।

इस दौरान महिला नगराध्यक्ष गीता पवार, नेहा माहरा, पंकज गुरुरानी, दीप उपाध्याय, विजय तिवारी, सुरेन्द्र पवार, प्रदीप रावत और मीडिया प्रभारी सोनू सिद्दीकी सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

See also  एक और पति की हत्या: नई-नवेली दुल्हन ने खेला खूनी खेल, प्रेमी से अपने ही शौहर को मरवा डाला
error: Content is protected !!