रानीखेत। उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के आह्वान पर चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार को 11वें दिन भी जारी रही।
इस दौरान लो०नि०वि० विश्राम गृह, रानीखेत में शाखा रानीखेत द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता इं० हरीश सिंह और संचालन इं० ललित सिंह सिराड़ी ने किया।
बैठक में विभिन्न विभागों के डिप्लोमा इंजीनियर्स ने विभागीय कार्यों का पूर्ण बहिष्कार करते हुए हड़ताल स्थल पर उपस्थिति दर्ज कराई।
वक्ताओं ने कहा कि लगातार चरणबद्ध आंदोलन के बावजूद सरकार द्वारा उनकी 27 सूत्रीय मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है।
महासंघ की प्रमुख मांगों में कनिष्ठ अभियन्ताओं को 01 जनवरी 2006 से ग्रेड पे 4600 रुपये नोशनली दिए जाने, सेवा काल में कम से कम तीन पदोन्नति या एसीपी व्यवस्था लागू करने, 2014 के बाद नियुक्त अभियन्ताओं को 10 वर्ष बाद 5400 ग्रेड पे देने, पेयजल निगम और जल संस्थान का राजकीयकरण/एकीकरण तथा एनपीएस के स्थान पर ओपीएस बहाल करने जैसी अहम मांगें शामिल हैं।

