रानीखेत। उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के आह्वान पर चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल 17वें दिन भी जारी रही।
इस दौरान शाखा रानीखेत द्वारा लो०नि०वि० विश्राम गृह में एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता इं. हरीश सिंह एवं संचालन इं. ललित सिंह सिराड़ी ने किया।
हड़ताल के सत्रहवें दिन विभिन्न विभागों के डिप्लोमा इंजीनियर्स ने विभागीय कार्यों का बहिष्कार कर एकजुटता दिखाई। वक्ताओं ने सरकार द्वारा अब तक मांगों पर कोई ठोस संज्ञान न लेने पर गहरा रोष व्यक्त किया।
महासंघ की प्रमुख मांगों में कनिष्ठ अभियंताओं को 4600 ग्रेड पे का लाभ 01 जनवरी 2006 से अनुमन्य करने, सेवा अवधि में न्यूनतम तीन पदोन्नतियां सुनिश्चित करने अथवा एसीपी व्यवस्था लागू करने, 2014 के बाद नियुक्त अभियंताओं को 10 वर्ष बाद 5400 ग्रेड पे देने, पेयजल निगम व जल संस्थान का राजकीयकरण/एकीकरण तथा एनपीएस के स्थान पर ओपीएस बहाल करने जैसी मांगें शामिल हैं।
इसके अलावा अन्य मांगों को लेकर भी इंजीनियर्स 08 अप्रैल 2026 से पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार पर हैं।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के मण्डल अध्यक्ष (कु.) अजय टम्टा सहित इं. हेम चन्द्र, के.एस. बिष्ट, जे.सी. पाण्डेय, एल.एस. अधिकारी, प्रिया डौर्बी और बबीता डंगवाल समेत विभिन्न विभागों के डिप्लोमा इंजीनियर्स उपस्थित रहे।

