जमरानी नदी बनी मौज-मस्ती का अड्डा, शराब और मांस पार्टी से दूषित हो रहा हल्द्वानी का पेयजल स्रोत
ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन से अराजक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की मांग
हल्द्वानी। हल्द्वानी और आसपास के लाखों लोगों की प्यास बुझाने वाली पवित्र जमरानी नदी इन दिनों कुछ युवाओं की मौज-मस्ती और गंदगी का अड्डा बनती जा रही है। नदी किनारे खुलेआम शराब पार्टी, मीट-मांस पकाने और गंदगी फैलाने की घटनाओं से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की हरकतों से न केवल नदी का पानी दूषित हो रहा है, बल्कि लोगों की धार्मिक आस्था और पर्यावरण को भी गहरा नुकसान पहुंच रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार हाल ही में कुछ युवक थार वाहन से नदी किनारे पहुंचे और वहां बीयर, शराब तथा मीट-मुर्गे के साथ पार्टी करते नजर आए। पार्टी के बाद नदी किनारे भारी मात्रा में गंदगी फैलाई गई, जिससे नदी की पवित्रता प्रभावित हुई। लोगों का कहना है कि जिस नदी का पानी हल्द्वानी सहित आसपास के हजारों परिवार पीने के लिए इस्तेमाल करते हैं, उसी नदी को इस तरह प्रदूषित किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि अमिया, डहरा, जमरानी और अमृतपुर क्षेत्र में आए दिन बाहरी लोग नदी किनारे पहुंचकर शराबखोरी और हुड़दंग करते हैं। कई बार स्थानीय ग्रामीणों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन विरोध करने पर ये लोग गाली-गलौज और मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। इससे ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि अमृतपुर, अमिया और डहरा क्षेत्र से होकर आने वाली यह नदी गार्गी और चित्रशाला घाट जैसे पवित्र तीर्थ स्थलों से गुजरती है। ऐसे में नदी किनारे मांस और शराब की पार्टी करना लोगों की धार्मिक भावनाओं को भी आहत कर रहा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि नदी किनारे अराजकता फैलाने वाले लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति नदी को प्रदूषित करने और माहौल खराब करने की हिम्मत न कर सके।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र के लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि भीषण गर्मी के इस दौर में पेयजल स्रोतों को स्वच्छ रखना प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।

