अल्मोड़ा। देशभर के लगभग 30 लाख शिक्षकों पर टीईटी (TET) की अनिवार्यता से उत्पन्न संकट को लेकर उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन ने आवाज बुलंद की है। संगठन के जिलाध्यक्ष किशोर जोशी ने कांग्रेस प्रदेश प्रभारी Kumari Selja को ज्ञापन सौंपकर संसद में अध्यादेश लाकर इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की।
यह ज्ञापन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi के प्रतिनिधि के रूप में अल्मोड़ा पहुंचीं कु. शैलजा को सौंपा गया। इस दौरान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Karan Mahara भी मौजूद रहे।
किशोर जोशी ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के एक आदेश के बाद वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर भी शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत टीईटी की अनिवार्यता लागू हो गई है। जबकि आरटीई अधिनियम वर्ष 2010 में लागू हुआ था और उससे पहले नियुक्त शिक्षकों की भर्ती के समय टीईटी का कोई प्रावधान नहीं था। ऐसे में इस आदेश से देशभर के लाखों शिक्षक मानसिक दबाव में हैं और उनकी नौकरी पर संकट मंडरा रहा है।
संगठन ने मांग की कि आरटीई अधिनियम लागू होने से पूर्व सेवा में आ चुके शिक्षकों को टीईटी की बाध्यता से मुक्त रखा जाए। उनका कहना है कि नियुक्ति के समय लागू नियमों के आधार पर चयनित शिक्षकों पर बाद में नई शर्तें लागू करना न्यायसंगत नहीं है।
ज्ञापन पर प्रतिक्रिया देते हुए कु. शैलजा ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी उनकी मांग का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि लाखों शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए संसद में इस विषय पर प्रभावी पहल की जाएगी और स्थायी समाधान का प्रयास किया जाएगा।
गौरतलब है कि अल्मोड़ा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शिक्षक संगठन इस मुद्दे को सीधे राहुल गांधी के समक्ष भी रखना चाहता था, लेकिन सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने केवल दो शिक्षकों को ही मिलने की अनुमति दी थी।
इस अवसर पर अल्मोड़ा विधायक Manoj Tiwari, संगठन के संरक्षक मनोज बिष्ट सहित कई शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
