पहाड़ों में भी स्मार्ट मीटर के बाद बढ़े बिजली बिलों पर फूटा उपभोक्ताओं का गुस्सा, डीएम से जांच की मांग

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भारी-भरकम बिजली के बिल आने से नाराज जौलकांडे के उपभोक्ताओं ने शुक्रवार को तहसील परिसर में प्रदर्शन

बागेश्वर। जिले के जौलकांडे क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगने के बाद भारी-भरकम बिजली के बिल आने से उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ गई है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण और उपभोक्ता तहसील परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश जताया।

इसके बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बिजली बिलों की जांच कराने, त्रुटिपूर्ण बिलों में तत्काल संशोधन करने और उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।

ललित मोहन लोहनी के नेतृत्व में पहुंचे उपभोक्ताओं ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली के बिलों में अचानक कई गुना बढ़ोतरी हो गई है। उनका कहना है कि पहले जहां मासिक बिजली बिल कुछ सौ रुपये आता था, वहीं अब हजारों और कई मामलों में दसियों हजार रुपये के बिल भेजे जा रहे हैं। इससे आम परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है और लोगों में भारी चिंता का माहौल है।

उपभोक्ताओं ने उदाहरण देते हुए बताया कि अनीता लोहानी को क्रमशः 15,770 रुपये, 29,857 रुपये और 9,139 रुपये के बिजली बिल प्राप्त हुए हैं। इसी तरह गोकुलानंद को 29,737 रुपये और 1,942 रुपये, जबकि चंद्रा देवी को 3,520 रुपये का बिल भेजा गया है। उनका कहना है कि इतनी अधिक राशि के बिल वास्तविक बिजली खपत के अनुरूप नहीं हैं।

प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि वे हर माह समय पर बिजली बिल का भुगतान करती रही हैं और कभी कोई बकाया नहीं रखा। इसके बावजूद इतने अधिक बिल भेजे जाना समझ से परे है। उन्होंने आशंका जताई कि स्मार्ट मीटर या बिलिंग प्रक्रिया में तकनीकी गड़बड़ी हो सकती है, जिसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

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