रानीखेत में गूंजा ‘वंदे मातरम’, एसएसबी जवानों और स्कूली बच्चों ने दिया राष्ट्रभक्ति का संदेश

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देशप्रेम एवं राष्ट्रीय चेतना के प्रसार के उद्देश्य से सशस्त्र सीमा बल सीमान्त मुख्यालय, रानीखेत में देशभक्ति कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
वंदे मातरम अभियान के तहत लघु मैराथन और सामूहिक राष्ट्रगीत का आयोजन, अधिकारियों-जवानों के साथ स्कूली बच्चों ने लिया हिस्सा

रिपोर्ट- बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशप्रेम और राष्ट्रीय चेतना की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) सीमान्त मुख्यालय, रानीखेत में मंगलवार को ‘वंदे मातरम अभियान’ के अंतर्गत विभिन्न देशभक्ति कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

महानिरीक्षक अमित कुमार के कुशल एवं प्रेरणादायी निर्देशन में आयोजित कार्यक्रमों में एसएसबी के अधिकारियों, जवानों और विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं और स्थानीय लोगों को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व से परिचित कराते हुए उनमें राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता की भावना को और मजबूत करना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत सीमान्त मुख्यालय परिसर से लघु मैराथन दौड़ के साथ हुई। उप महानिरीक्षक सुरेश सुब्रह्मण्यम ने हरी झंडी दिखाकर मैराथन को रवाना किया। एसएसबी के अधिकारी और जवान पूरे जोश एवं अनुशासन के साथ मैराथन में शामिल हुए। दौड़ सीमान्त मुख्यालय परिसर से शुरू होकर रानीखेत बाजार के मुख्य मार्गों और ऐतिहासिक तिरंगा चौक से होकर गुजरी। मैराथन के दौरान प्रतिभागियों ने राष्ट्रप्रेम और देश की एकता-अखंडता का संदेश दिया। दौड़ के पुनः सीमान्त मुख्यालय पहुंचने पर कार्यक्रम का पहला चरण उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ।
इसके बाद सीमान्त मुख्यालय परिसर में सामूहिक राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का आयोजन किया गया। इस दौरान एसएसबी के वरिष्ठ अधिकारियों और जवानों के साथ केंद्रीय विद्यालय, माउंट सनई, बियरसिवा और आर्मी स्कूल से पहुंचे छात्र-छात्राओं ने एक साथ राष्ट्रगीत का गायन किया। सैकड़ों कंठों से निकले ‘वंदे मातरम’ के स्वर से पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंग गया। छात्र-छात्राओं और जवानों ने एक स्वर में राष्ट्रगीत गाकर देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप महानिरीक्षक मुख्तार मोहसिन, भा.पु.से. ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के गौरवशाली इतिहास और इसके सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम’ महज एक गीत नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशवासियों में राष्ट्रभक्ति की भावना जगाने वाला शक्तिशाली मंत्र था। स्वतंत्रता सेनानियों के लिए यह गीत प्रेरणा का प्रमुख स्रोत रहा और इसने लोगों को देश की आजादी के लिए एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि 15 अगस्त के उपलक्ष्य में सीमान्त मुख्यालय की ओर से लगातार विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें बाइक रैली और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान सहित अनेक गतिविधियां शामिल हैं। इसी श्रृंखला में मंगलवार को सामूहिक राष्ट्रगीत का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूली बच्चों ने उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि एसएसबी के जवानों ने भी पूरे जोश के साथ राष्ट्रगीत का गायन किया। उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों, जवानों और छात्र-छात्राओं को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के माध्यम से एसएसबी ने युवाओं को राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों के लिए प्रेरित करने के साथ ही स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्यों, राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। स्कूली बच्चों की सहभागिता ने कार्यक्रम को और प्रभावी बना दिया। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान से जोड़ने में मदद मिलती है।
इस अवसर पर मुख्तार मोहसिन, भा.पु.से., उप महानिरीक्षक, सुरेश सुब्रह्मण्यम, उप महानिरीक्षक, दुर्गा बहादुर सोनार, उप महानिरीक्षक, चंद्रका हयाँकी, उप महानिरीक्षक (चिकित्सा), गोविंद सिंह भंडारी, कमांडेंट, देबासिस पाल, कमांडेंट, कुमार सुंदरम, द्वितीय कमान अधिकारी, प्रभाकर, उप कमांडेंट, जसवीर सिंह, अधिशासी अभियंता, गोविंद सिंह बोरा, सहायक कमांडेंट, रितेश कुमार सिंह, सहायक अभियंता सहित सशस्त्र सीमा बल के अधिकारी एवं जवान मौजूद रहे।

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