रिपोर्टर : बलवंत सिंह रावत
रानीखेत। पर्यावरण संरक्षण, हरित परिसर और विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रानीखेत में मंगलवार को सघन वन निर्माण अभियान की शुरुआत की गई। महाविद्यालय के पर्यावरण प्रकोष्ठ और NCC इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान के दौरान परिसर में पौधारोपण किया गया और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लिया गया।
अभियान का नेतृत्व पर्यावरण प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. प्राची जोशी ने किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पुष्पेश पांडे के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य महाविद्यालय परिसर को अधिक हरा-भरा, स्वच्छ एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। इसके तहत आने वाले समय में परिसर के विभिन्न हिस्सों में बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. पी.एन. तिवारी ने स्वयं श्रमदान करते हुए पौधारोपण किया। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व से अवगत कराते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया।
सघन वन निर्माण अभियान में पर्यावरणविद एवं भूतपूर्व जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. आशुतोष पंत का विशेष सहयोग रहा। उन्होंने अभियान के लिए 100 पौधे निःशुल्क उपलब्ध कराए। इन पौधों के माध्यम से महाविद्यालय परिसर में सघन हरित क्षेत्र विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
वहीं, 24 गर्ल्स बटालियन और 79 बॉयज बटालियन NCC के कैडेट्स ने भी अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। 24 गर्ल्स बटालियन की लेफ्टिनेंट डॉ. लक्ष्मी तथा 79 बॉयज बटालियन के लेफ्टिनेंट डॉ. शंकर के नेतृत्व में NCC कैडेट्स ने पौधारोपण किया। कैडेट्स ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण करने का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम में छात्र संघ के पदाधिकारियों के साथ श्री कृपाल नेगी और श्री ललित उपाध्याय ने भी सक्रिय सहयोग दिया। महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने अभियान में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
प्राचार्य डॉ. पुष्पेश पांडे ने कहा कि सघन वन निर्माण से महाविद्यालय परिसर की सुंदरता में वृद्धि होने के साथ ही विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि लगाए गए पौधों के संरक्षण और संवर्धन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने सघन वन को आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित धरोहर बताया।
महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार, अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से सीधे जोड़ने तथा उन्हें प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्राध्यापक, कर्मचारी, NCC कैडेट्स एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


