रिपोर्टर : बलवंत सिंह रावत
रानीखेत। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रानीखेत के लिए गौरव का क्षण तब आया जब अंग्रेजी विभाग की प्राध्यापिका डॉ. बरखा रौतेला के शोधार्थी डॉ. गोपाल मंडल को कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल द्वारा पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की गई। उनकी यह उपलब्धि न केवल महाविद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र के शैक्षणिक जगत के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है।
डॉ. गोपाल मंडल का शोध कार्य “Young Adult Adventure Literature” विषय पर आधारित रहा। अपने शोध में उन्होंने युवा पाठकों के लिए लिखे गए साहसिक साहित्य का गहन अध्ययन और विश्लेषण किया। इस दौरान उन्होंने प्रसिद्ध लेखकों नीलिमा सिन्हा, दीपक दलाल और अरूप दत्ता सहित अन्य रचनाकारों की कृतियों का साहित्यिक मूल्यांकन करते हुए युवा साहित्य में रोमांच, कल्पना, सामाजिक चेतना और व्यक्तित्व विकास के विभिन्न पहलुओं को उजागर किया।
शोध उपाधि प्रदान किए जाने से पूर्व आयोजित वाइवा-वोसे परीक्षा में जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली की प्रोफेसर सिमी मल्होत्रा ने बाह्य परीक्षक के रूप में सहभागिता की। वाइवा का आयोजन कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल के कन्वीनर डॉ. एल. एम. जोशी के संरक्षण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के कई वरिष्ठ शिक्षाविद उपस्थित रहे, जिनमें प्रो. अरविंद अधिकारी, डॉ. हरिप्रिया पाठक, डॉ. गिबू साबू और डॉ. रिचा प्रमुख रूप से शामिल रहे।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पांडे ने डॉ. गोपाल मंडल को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि संस्थान में शोध और अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि उच्चस्तरीय शोध कार्यों से महाविद्यालय की शैक्षणिक पहचान मजबूत होती है तथा विद्यार्थियों को अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. गोपाल मंडल का यह शोध युवा साहित्य के अध्ययन में महत्वपूर्ण योगदान देगा और भविष्य के शोधार्थियों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा। महाविद्यालय परिवार ने उनकी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
डॉ. गोपाल मंडल की यह उपलब्धि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रानीखेत के अंग्रेजी विभाग के लिए गौरव और सम्मान का विषय बन गई है।





