रानीखेत महाविद्यालय में हिंदी दिवस पर साहित्यिक रंग, निबंध व काव्य-पाठ प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

रानीखेत महाविद्यालय के हिंदी विभाग में हिंदी दिवस का आयोजन।

रिपोर्टर — बलवन्त सिंह रावत 

रानीखेत। स्वर्गीय जयदत्त वैला राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रानीखेत के हिंदी विभाग की ओर से हिंदी दिवस के अवसर पर विविध साहित्यिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के लिए निबंध लेखन एवं काव्य-पाठ प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, जिसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा, साहित्यिक समझ और अभिव्यक्ति-कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पांडेय, हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. निर्मला जोशी, अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. निधि पाण्डेय, संगीत विभाग से डॉ. निर्मला जोशी तथा गृह विज्ञान विभाग से डॉ. लोतिका अमित ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पांडेय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए हिंदी भाषा के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल संवाद और संप्रेषण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, संवेदना, विचार और विविधता को जोड़ने वाली एक सशक्त भाषा है।

उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी के अध्ययन, लेखन और साहित्यिक गतिविधियों से निरंतर जुड़े रहने का आह्वान किया। प्राचार्य ने वर्तमान डिजिटल एवं वैश्विक परिवेश में हिंदी की बढ़ती संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आज हिंदी साहित्य, पत्रकारिता, डिजिटल मीडिया, तकनीक और विभिन्न रचनात्मक क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही है। नई पीढ़ी के सक्रिय जुड़ाव से हिंदी को और अधिक व्यापक, आधुनिक एवं समृद्ध स्वरूप प्रदान किया जा सकता है।

उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे हिंदी को केवल एक विषय के रूप में न देखें, बल्कि इसे अपने दैनिक व्यवहार, अध्ययन और सृजनात्मक अभिव्यक्ति का अभिन्न हिस्सा बनाएं।

कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. निर्मला जोशी ने किया। उन्होंने हिंदी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए हिंदी भाषा की समृद्ध साहित्यिक परंपरा, उसकी व्यापकता और वर्तमान समय में निरंतर बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हिंदी साहित्य की परंपरा अत्यंत समृद्ध रही है और आज भी यह समाज की संवेदनाओं, विचारों और बदलते समय के प्रश्नों को प्रभावी रूप से अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है।

इस दौरान डॉ. कुसुमलता ने भी हिंदी भाषा की महत्ता पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने हिंदी के संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर बल देते हुए विद्यार्थियों से भाषा के प्रति आत्मीयता और सम्मान बनाए रखने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में डॉ. रेखा भट्ट ने हिंदी भाषा की वर्तमान स्थिति और समकालीन संदर्भों को केंद्र में रखते हुए अपनी स्वरचित कविता प्रस्तुत की। कविता के माध्यम से उन्होंने हिंदी भाषा के प्रति गौरव, बदलते सामाजिक एवं भाषाई परिवेश तथा हिंदी के निरंतर विकास की संभावनाओं को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया। उनकी काव्य प्रस्तुति ने कार्यक्रम को साहित्यिक और भावपूर्ण आयाम प्रदान किया।

हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित निबंध लेखन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा एवं साहित्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में एम.ए. प्रथम सेमेस्टर की मानसी तिवारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बी.एससी. तृतीय सेमेस्टर की सभ्यता बिष्ट द्वितीय स्थान पर रहीं, जबकि एम.ए. प्रथम सेमेस्टर की अदिति सागर ने तृतीय स्थान हासिल किया।

इसी क्रम में आयोजित काव्य-पाठ प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों ने विभिन्न कवियों की रचनाओं का भावपूर्ण एवं प्रभावशाली पाठ कर अपनी प्रस्तुति क्षमता का परिचय दिया। प्रतियोगिता में बी.ए. तृतीय सेमेस्टर की दीपिका बिष्ट ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बी.ए. तृतीय सेमेस्टर की शगुन पंत द्वितीय स्थान पर रहीं, जबकि बी.ए. तृतीय सेमेस्टर की संजना पाण्डे ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल ने विद्यार्थियों की विषय-वस्तु, भाषा, उच्चारण, भावाभिव्यक्ति, प्रस्तुति शैली और रचनात्मकता के आधार पर मूल्यांकन किया। विद्यार्थियों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को साहित्यिक गरिमा प्रदान की और हिंदी भाषा के प्रति युवाओं की रुचि को भी प्रदर्शित किया।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. राजविंदर कौर ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों, निर्णायक मंडल तथा प्रतिभागी छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त करते हुए हिंदी विभाग की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया।

उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी भाषा और साहित्य से निरंतर जुड़े रहने तथा अपनी रचनात्मक प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

हिंदी दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम ने महाविद्यालय परिसर को साहित्यिक एवं रचनात्मक वातावरण से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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