रानीखेत में नंदा देवी मेले का भव्य समापन, शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब।
रिपोर्ट — बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत। नगर में आयोजित प्रसिद्ध नंदा देवी मेले का बुधवार को धार्मिक आस्था, उल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विधिवत समापन हो गया। मेले के समापन अवसर पर मां नंदा-सुनंदा की भव्य डोली शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में रानीखेत नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे नगर में मां नंदा-सुनंदा के जयकारे गूंजते रहे और वातावरण भक्तिमय बना रहा।
मां नंदा-सुनंदा की डोली को श्रद्धालुओं के दर्शन एवं पूजन के लिए विशेष रूप से सजाया गया। इसके बाद नंदा देवी मंदिर परिसर से भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। डोली जरूरी बाजार, रोडवेज स्टेशन, सदर बाजार और केमू स्टेशन सहित विभिन्न प्रमुख स्थानों से होते हुए पुनः नंदा देवी मंदिर परिसर पहुंची।
शोभायात्रा के मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर मां नंदा-सुनंदा की डोली का स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और परिवार एवं क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की। डोली के साथ चल रहे श्रद्धालु लगातार मां नंदा-सुनंदा के जयकारे लगाते रहे, जिससे पूरा रानीखेत नगर भक्तिमय नजर आया।
नंदा देवी मेले के समापन कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, पूर्व विधायक करन माहरा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख धन सिंह रावत समेत कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। जनप्रतिनिधियों ने भी मां नंदा-सुनंदा की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
शोभायात्रा के वापस नंदा देवी मंदिर पहुंचने के बाद मंदिर परिसर में विधि-विधान के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। पूजा-अर्चना और अन्य धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के बाद मेले का विधिवत समापन हुआ।
रानीखेत का नंदा देवी मेला क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। मेले के दौरान स्थानीय लोगों के साथ बड़ी संख्या में दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी विभिन्न धार्मिक आयोजनों में भाग लिया। समापन अवसर पर निकली डोली शोभायात्रा ने एक बार फिर रानीखेत की समृद्ध लोक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत कर दिया।


