एंबुलेंस तक घंटों फंस रही जाम में, वैकल्पिक मार्ग और पार्किंग व्यवस्था बढ़ाने की मांग; कांग्रेस ने आंदोलन की दी चेतावनी
रिपोर्ट : बलवंत सिंह मेहरा
रानीखेत। कैंची धाम क्षेत्र में लगातार लग रहे भीषण ट्रैफिक जाम और उससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ श्रद्धालुओं को हो रही भारी परेशानियों को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को कांग्रेस के सीडब्ल्यूसी (CWC) सदस्य एवं पूर्व उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने रानीखेत के सदर बाजार स्थित डोलिया पहाड़ी के पास कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता कर कैंची धाम की बदहाल यातायात व्यवस्था पर सरकार और प्रशासन को घेरा।
करन माहरा ने कहा कि कैंची धाम में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के बावजूद यातायात व्यवस्था को लेकर सरकार की ओर से कोई ठोस और प्रभावी प्रबंधन नहीं किया गया है। रोजाना लगने वाले लंबे जाम के कारण पहाड़ों का सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि रानीखेत, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर समेत पर्वतीय क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों को जाम के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस तक घंटों जाम में फंस रही हैं। इससे आपातकालीन सेवाओं पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों और कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं को भी घंटों सड़क पर इंतजार करना पड़ रहा है।
सरकार और प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप
माहरा ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन यातायात व्यवस्था को लेकर सिर्फ दावे कर रहे हैं, जबकि धरातल पर समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कार्ययोजना दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पहले से ही वैकल्पिक मार्ग, पर्याप्त पार्किंग और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था की जानी चाहिए थी।
उन्होंने सरकार से मांग की कि कैंची धाम मार्ग पर वैकल्पिक रास्तों का निर्माण, पार्किंग व्यवस्था का विस्तार और अतिरिक्त यातायात पुलिस की तैनाती तत्काल की जाए। इसके साथ ही जाम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक योजना तैयार की जाए।
‘सरकार नहीं जागी तो खुद मशीनें लेकर बाईपास बनाएंगे’
कांग्रेस नेता करन माहरा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शासन-प्रशासन कैंची धाम की यातायात समस्या के समाधान को लेकर गंभीर कदम नहीं उठाता है तो कांग्रेस जनता और होटल एसोसिएशन को साथ लेकर आंदोलन करेगी।
उन्होंने कहा, “अगर सरकार नहीं जागी तो हम होटल एसोसिएशन और आम जनता से भीख मांगकर पैसा इकट्ठा करेंगे और वह पैसा सरकार को देंगे। अगर उसके बाद भी सरकार ने कैंची धाम के जाम की समस्या का समाधान नहीं किया तो हम अपनी मशीनें लेकर बाईपास बनाने का काम शुरू करेंगे।”
माहरा ने आगे कहा कि यदि शासन-प्रशासन कांग्रेस को इस तरह का काम करने से रोकता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता को साथ लेकर इस मुद्दे पर आंदोलन किया जाएगा।
कैंची धाम के लिए दीर्घकालिक योजना की मांग
करन माहरा ने कहा कि कैंची धाम सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि यह पूरे पहाड़ के पर्यटन और रोजगार से भी जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण स्थल है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
ऐसे में यातायात व्यवस्था को केवल तत्कालीन उपायों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।
उन्होंने कहा कि सरकार को कैंची धाम के लिए ऐसी दीर्घकालिक यातायात योजना तैयार करनी चाहिए, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए सुगम आवागमन के साथ स्थानीय लोगों की आवाजाही, आपातकालीन सेवाओं और पर्यटन गतिविधियों का भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए कि श्रद्धालुओं को सुविधा मिले और स्थानीय लोगों का सामान्य जनजीवन भी प्रभावित न हो।
कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
पत्रकार वार्ता के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष अरूण रावत, पूर्व प्रवक्ता अतुल जोशी, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अगस्त लाल साह, गोविन्द सिंह बिष्ट, चिलियानौला नगर अध्यक्ष कमलेश बोरा, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष गीता पंवार, नगर अध्यक्ष नेहा साह माहरा, पंचायती राज जिलाध्यक्ष त्रिलोक चन्द आर्या, कार्यकारी अध्यक्ष पंकज जोशी, दीपक पंत, कुलदीप कुमार, हेमंत बिष्ट, जिला मीडिया प्रभारी सोनू सिद्दकी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।


