रानीखेत: चौबटिया बाजार में पुलिस ने चलाया साइबर जागरूकता अभियान, ऑनलाइन ठगी से बचाव के बताए तरीके

चौबटिया बाजार में रानीखेत पुलिस ने चलाया साइबर जागरूकता अभियान।

OTP, ATM PIN और CVV किसी से साझा न करने की अपील, साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत

रिपोर्ट– बलवन्त सिंह रावत 

रानीखेत। ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने तथा आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से रानीखेत पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में पुलिस टीम ने चौबटिया बाजार में विशेष साइबर जागरूकता अभियान चलाया। अभियान के दौरान स्थानीय व्यापारियों, दुकानदारों और आम नागरिकों को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों की जानकारी देते हुए उनसे सतर्क रहने की अपील की गई।

साइबर जागरूकता अभियान में एएसआई फिरोज खान, नवींद्र शर्मा और राजकुमार ने लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताए। पुलिस टीम ने समझाया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी फर्जी फोन कॉल, भ्रामक मैसेज, नकली वेबसाइट, संदिग्ध लिंक, बैंकिंग फ्रॉड और UPI के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। कई बार ठग बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी या किसी प्रतिष्ठित संस्था का प्रतिनिधि बनकर लोगों से संपर्क करते हैं और गोपनीय जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं।

गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचें

पुलिस अधिकारियों ने लोगों को स्पष्ट रूप से बताया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP (वन टाइम पासवर्ड), ATM या डेबिट कार्ड का PIN, CVV नंबर तथा बैंक खाते से संबंधित अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध मोबाइल ऐप डाउनलोड करने या बिना सत्यापन के ऑनलाइन भुगतान करने से भी बचें।

पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी अक्सर लोगों को इनाम, कैशबैक, नौकरी, निवेश में अधिक मुनाफे या खाते को बंद करने की धमकी देकर अपने जाल में फंसाते हैं। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय संबंधित जानकारी की आधिकारिक माध्यम से पुष्टि करनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति के कहने पर मोबाइल पर आए OTP को साझा करना या संदिग्ध स्क्रीन-शेयरिंग ऐप डाउनलोड करना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।

साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें संपर्क

अभियान के दौरान पुलिस टीम ने साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर तुरंत कार्रवाई करने की सलाह दी। पुलिस ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी होती है, तो उसे बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

पुलिस के अनुसार, समय रहते शिकायत दर्ज कराने से संबंधित लेनदेन की जानकारी संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाने और ठगी की रकम को रोकने की कार्रवाई में मदद मिल सकती है। इसलिए पीड़ित को देर किए बिना अपने बैंक से भी संपर्क करना चाहिए और लेनदेन से संबंधित संदेश, स्क्रीनशॉट तथा अन्य साक्ष्य सुरक्षित रखने चाहिए।

परिवार और आसपास के लोगों को भी करें जागरूक

कार्यक्रम के अंत में पुलिस टीम ने स्थानीय नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करें और अपने परिवार के सदस्यों, बुजुर्गों, युवाओं तथा आसपास के लोगों को भी ऑनलाइन ठगी के प्रति जागरूक करें। पुलिस ने कहा कि डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है और थोड़ी सी सतर्कता बड़ी आर्थिक हानि से बचा सकती है।

चौबटिया बाजार में आयोजित इस अभियान के दौरान क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। पुलिस की ओर से लोगों को साइबर अपराधों की पहचान करने, गोपनीय जानकारी सुरक्षित रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को देने के लिए प्रेरित किया गया।

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