रानीखेत के खड़ी बाजार में रामलीला मंचन की धूम, राम-सीता के अभिनय ने मोहा मन।
रिपोर्ट– बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत। रानीखेत के ऐतिहासिक खड़ी बाजार में आयोजित रामलीला मंचन में कलाकारों ने अपने जीवंत अभिनय, प्रभावशाली संवादों और शानदार मंच प्रस्तुति से दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
धार्मिक आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं से ओतप्रोत रामलीला को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंचे। मंचन के दौरान कलाकारों के संवाद और अभिनय ने ऐसा समां बांधा कि दर्शक देर रात तक तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन करते रहे।
रामलीला के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, परशुराम, रावण, बाणासुर, राजा जनक और माता कौशल्या सहित विभिन्न पात्रों का सशक्त अभिनय दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा। मुख्य भूमिकाओं में परमवीर मेहरा ने भगवान श्रीराम, चिराग तिवारी ने माता सीता, करन अधिकारी ने लक्ष्मण, शुभम ने परशुराम, राहुल ने लंकापति रावण, ललित मोहन नेगी ने बाणासुर, विनोद तिवारी ने राजा जनक तथा हर्षदीप बर्मा ने माता कौशल्या की भूमिका निभाई। सभी कलाकारों ने अपने-अपने पात्रों के अनुरूप संवादों और अभिनय को बखूबी प्रस्तुत किया।
रानीखेत। रानीखेत के ऐतिहासिक खड़ी बाजार में आयोजित रामलीला मंचन में कलाकारों ने अपने जीवंत अभिनय, प्रभावशाली संवादों और शानदार मंच प्रस्तुति से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। धार्मिक आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं से ओतप्रोत रामलीला को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंचे। मंचन के दौरान कलाकारों के संवाद और अभिनय ने ऐसा समां बांधा कि दर्शक देर रात तक तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन करते रहे।
रामलीला के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, परशुराम, रावण, बाणासुर, राजा जनक और माता कौशल्या सहित विभिन्न पात्रों का सशक्त अभिनय दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा। मुख्य भूमिकाओं में परमवीर मेहरा ने भगवान श्रीराम, चिराग तिवारी ने माता सीता, करन अधिकारी ने लक्ष्मण, शुभम ने परशुराम, राहुल ने लंकापति रावण, ललित मोहन नेगी ने बाणासुर, विनोद तिवारी ने राजा जनक तथा हर्षदीप बर्मा ने माता कौशल्या की भूमिका निभाई।
सभी कलाकारों ने अपने-अपने पात्रों के अनुरूप संवादों और अभिनय को बखूबी प्रस्तुत किया।


