प्रारूप-7 के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाने की शिकायत, रानीखेत कांग्रेस ने की कानूनी कार्रवाई की मांग।
रिपोर्टर — बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत। विधानसभा रानीखेत क्षेत्र में वैध एवं पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के उद्देश्य से प्रारूप-7 के माध्यम से कथित रूप से गलत, भ्रामक और तथ्यहीन आपत्तियां दर्ज कराए जाने का मामला सामने आया है।
इस संबंध में रानीखेत कांग्रेस कमेटी ने रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, विधानसभा रानीखेत-50 को ज्ञापन सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस कमेटी ने आरोप लगाया है कि विधानसभा क्षेत्र में कुछ ऐसे मतदाताओं के नामों के विरुद्ध भी प्रारूप-7 के माध्यम से आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं, जो वर्तमान में अपने संबंधित पते पर निवास कर रहे हैं और मतदाता सूची में विधिवत रूप से दर्ज हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि गलत एवं भ्रामक आधारों पर आपत्तियां दर्ज कराकर पात्र मतदाताओं को उनके संवैधानिक मताधिकार से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है।
ज्ञापन में कांग्रेस कमेटी ने निर्धारित संख्या से अधिक आपत्तियां प्रस्तुत किए जाने का भी आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची के दावे और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया के दौरान कुछ कथित आपत्तिकर्ताओं द्वारा स्वयं प्रारूप-7 न भरने अथवा उसे प्रस्तुत न करने की बात स्वीकार किए जाने का उल्लेख सामने आया है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि संबंधित व्यक्तियों ने स्वयं प्रारूप-7 नहीं भरा या प्रस्तुत नहीं किया, तो ऐसी स्थिति में उनके नाम से संबंधित आपत्तियां किस आधार पर स्वीकार की गईं।
रानीखेत कांग्रेस कमेटी ने मांग की है कि प्रारूप-7 के माध्यम से प्रस्तुत की गई सभी संदिग्ध आपत्तियों की निष्पक्ष, पारदर्शी और विस्तृत जांच कराई जाए। कांग्रेस ने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर गलत, झूठी अथवा भ्रामक जानकारी देकर किसी पात्र मतदाता के नाम को हटाने के लिए आपत्ति दर्ज कराई गई पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 सहित अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची की शुचिता, पारदर्शिता और निष्पक्षता लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है। किसी भी पात्र नागरिक को गलत सूचना, झूठे तथ्यों अथवा दुर्भावनापूर्ण आपत्ति के माध्यम से मतदान के अधिकार से वंचित करने का प्रयास अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से किसी पात्र मतदाता का नाम अनुचित तरीके से हटना उसके लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा प्रभाव डालता है।
ज्ञापन के माध्यम से रजिस्ट्रीकरण अधिकारी से यह भी मांग की गई है कि मामले में की गई कार्रवाई और संबंधित आपत्तियों के निस्तारण की स्थिति की लिखित जानकारी रानीखेत कांग्रेस कमेटी को उपलब्ध कराई जाए।
कांग्रेस कमेटी ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण तथा दावे-आपत्तियों की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता किसी गलत या कथित रूप से दुर्भावनापूर्ण आपत्ति के कारण मतदाता सूची से बाहर न हो।
ज्ञापन देने वालों में कांग्रेस के बीएलए-1 गोपाल सिंह देव, कॉर्डिनेटर कुलदीप कुमार तथा बीएलए-2 मोहम्मद नईम शामिल रहे।







