रानीखेत में डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल दसवें दिन भी जारी, 27 सूत्रीय मांगों पर सरकार से नाराजगी

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रानीखेत। उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की 27 सूत्रीय मांगों के समाधान न होने से चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को दसवें दिन भी जारी रही। महासंघ के आह्वान पर शाखा रानीखेत द्वारा लो०नि०वि० विश्राम गृह में बैठक आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता इं० हरीश सिंह एवं संचालन इं० ललित सिंह सिराड़ी ने किया। इस दौरान विभिन्न विभागों के डिप्लोमा इंजीनियर्स ने विभागीय कार्यों का बहिष्कार कर हड़ताल स्थल पर एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।

वक्ताओं ने कहा कि कई चरणों में आंदोलन चलाने के बावजूद सरकार द्वारा उनकी मांगों पर कोई ठोस संज्ञान नहीं लिया गया है, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

महासंघ की प्रमुख मांगों में कनिष्ठ अभियंताओं को 1 जनवरी 2006 से ₹4600 ग्रेड पे का लाभ देने, सेवा काल में न्यूनतम तीन पदोन्नति सुनिश्चित करने या एसीपी व्यवस्था बहाल करने, वर्ष 2014 के बाद नियुक्त अभियंताओं को 10 वर्ष सेवा पर ग्रेड पे ₹5400 देने, पेयजल निगम व उत्तराखण्ड जल संस्थान का राजकीयकरण/एकीकरण तथा एनपीएस के स्थान पर ओपीएस बहाली शामिल हैं।

महासंघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

बैठक में उत्तराखण्ड जल संस्थान के मंडल सचिव इं० गौरव पन्त, इं० कुन्दन सिंह, इं० जे०सी० पाण्डेय, इं० बी०एन० पाण्डेय, इं० जयपाल सिंह तोमर सहित कई इंजीनियर्स मौजूद रहे।

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