कैंची धाम में भीषण जाम से रानीखेत पर्यटन प्रभावित, होटल व्यवसायियों ने दी आंदोलन की चेतावनी।
रिपोर्ट- बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत। पर्यटन सीजन के बीच कैंची धाम क्षेत्र में लगातार लग रहे भीषण जाम को लेकर होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने गहरी चिंता जताई है।
ग्राण्ड होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि जाम की समस्या का सीधा और गंभीर असर रानीखेत के पर्यटन, होटल व्यवसाय और स्थानीय व्यापार पर पड़ रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने जल्द प्रभावी समाधान नहीं निकाला तो होटल व्यवसायी और पर्यटन से जुड़े लोग आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
एसोसिएशन पदाधिकारियों ने बताया कि कैंची धाम में प्रतिदिन कई-कई घंटों तक लगने वाले जाम के कारण पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि पर्यटक अब रानीखेत आने से बचने लगे हैं। इसका असर होटल व्यवसाय, टैक्सी संचालकों, रेस्तरां और पर्यटन आधारित हजारों लोगों की आजीविका पर पड़ रहा है।
पदाधिकारियों ने भवाली–रामगढ़–मुक्तेश्वर वैकल्पिक मार्ग को अत्यधिक संकरा और दुर्घटना संभावित बताते हुए उसके शीघ्र चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की मांग की। उनका कहना था कि मार्ग बेहतर होने से यातायात का दबाव कम होगा और पर्यटकों को सुरक्षित व सुगम यात्रा मिल सकेगी।
इसके अलावा रामनगर से होकर जाने वाले रानीखेत–भतरौंजखान–रामनगर मार्ग को भी चौड़ा और बेहतर बनाने की मांग उठाई गई। एसोसिएशन का कहना है कि इस मार्ग के विकसित होने से कैंची धाम, नैनीताल और जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क आने-जाने वाले पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी और रानीखेत पर्यटन को नया विस्तार मिलेगा।
एसोसिएशन अध्यक्ष हिमांशु उपाध्याय ने कहा कि रानीखेत आने वाले पर्यटकों को वाया धनाचूली–क्वारब मार्ग से डायवर्ट किया जा रहा है, जिससे यात्रा लगभग 80 किलोमीटर लंबी हो रही है। इसका सीधा असर पर्यटकों की संख्या पर पड़ा है और अधिकांश होटलों में सन्नाटा पसरा हुआ है।
प्रेस वार्ता में महासचिव गोविंद सिंह बिष्ट, सह-सचिव पावस जोशी, कोषाध्यक्ष अंशुल साह, सदस्य प्रभात माहरा, हरीश अग्रवाल, अरविंद साह, देवांशु साह एवं सोनू सिद्दीकी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

