एनडीआरएफ द्वारा फायर सीजन के दृष्टिगत रानीखेत रेंज मे प्रशिक्षण का आयोजन

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राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) द्वारा फायर सीजन के दृष्टिगत रानीखेत रेंज मे प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। वन विभाग कर्मचारीगण एवं फायर वॉचर रहे उपस्थित 

रिपोर्ट- बलवन्त सिंह रावत

रानीखेत। अल्मोड़ा वन प्रभाग, में फायर वॉचर एवं वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों की आगामी 2026 फायर सीजन के दृष्टिगत प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में फायर वॉचर एवं वन विभाग का स्टाफ उपस्थित रहे। वही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न अग्निशमन उपकरणों के उपयोग की विधि का प्रदर्शन कर उनका व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। इसके अतिरिक्त अन्य अग्निशमन उपकरणों की जानकारी भी प्रदान की गई।

बता दे कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वनाग्नि की रोकथाम, नियंत्रण एवं आपातकालीन परिस्थितियों में समन्वित कार्यवाही को सुदृढ़ बनाने के बारे मे जानकारी दी गई।

वही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के अधिकारियों व जवानों द्वारा वनाग्नि के कारण, संभावित जोखिम क्षेत्रों, नियंत्रण तकनीकों, सुरक्षा उपायों तथा उपलब्ध उपकरणों के उपयोग संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों, वन संरचना तथा फायर सीजन के दौरान अपनाई जाने वाली रणनीतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

तत्पश्चात् वन विभाग एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के जवानों द्वारा संयुक्त रूप से मॉक ड्रिल का अभ्यास किया गया। जिसमें वनाग्नि की काल्पनिक स्थिति निर्मित कर त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। इस संयुक्त अभ्यास से आपदा की स्थिति में प्रभावी एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।

कंपनी कमांडर राजू सिंह धपोला ने बताया कि 12 फरवरी से 18 फरवरी तक एनडीआरफ की ओर से अल्मोड़ा में फॉरेस्ट फायर डिफमिनाइजेशन एक्सरसाइज है। जो 18 फरवरी को मॉक एक्सरसाइज में बदल जाएगा।

इसके चलते अल्मोड़ा जिले में जितने भी रेंज प्रभाग हैं, वहां जाकर पब्लिक और वन विभाग व फायर वाचर के साथ एक दूसरे से जानकारी आदान प्रदान करते है। इसमें अभ्यास, आग के प्रकार, और अलग अलग टेरेन, और जंगल में जाने का एक्सेस रूट के बारे में हमें होना चाहिए। यदि कभी जरूरत पड़ी, तो हम तुरंत एक्शन ले सकें, इसके लिए यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

वन‌क्षेत्राधिकारी तापस मिश्रा ने बताया कि 15 फरवरी से हमारा फायर सीजन आधिकारिक रूप से शुरू हो जाता है। एनडीआरफ की टीम के द्वारा आज हमें जो भी आग बुझाने का काम करते हैं व कैसे अच्छे ढंग से किया जा सके, अपनी क्षमता के निर्माण में किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए। उन्होनें कहा कि किसी भी कठिन समय में एनडीआरफ की टीम का हमको पूरा समर्थन रहेगा, ये मनोबल की भावना हमें एनडीआरफ की टीम की ओर से देखने को मिली।

हम आशा करते हैं कि जो हमारे फॉरेस्ट फायर वॉचर है वो बहुत मेहनत से काम करेंगे। अगले 4 महीने हमारे लिए काफी गंभीर रहते हैं, इसीलिए एनडीआरफ की मदद से, और जो भी बेहतर उपाय हैं, उनसे हम कोशिश करेंगे कि जंगल की आग को कम से कम रख सकें।

इस अवसर पर वन‌क्षेत्राधिकारी तापस मिश्रा, कंपनी कमांडर राजू सिंह धपोला, इंस्पेक्टर कनिष्क पांगती, हवलदार गजराज सिंह, हवलदार मनोज, एनडीआरएफ कर्मचारी सहित वन विभाग कर्मचारीगण व फायर वॉचर उपस्थित रहे।

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