अंकिता भंडारी हत्याकांड और वीआईपी की पहचान को लेकर कांग्रेस ने फिर उठाई आवाज, करन माहरा बोले—जनता के सवालों का दिया जाए स्पष्ट जवाब
देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस नियुक्ति को लेकर कांग्रेस ने भाजपा हाईकमान पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के सदस्य करन माहरा ने दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि इस मामले से जुड़े गंभीर सवालों और कथित वीआईपी की पहचान को लेकर लंबे समय से जवाब मांगे जा रहे हैं, लेकिन अब तक इन सवालों पर स्पष्टता सामने नहीं आई है।
करन माहरा ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश की जनता के मन में कई सवाल हैं। मामले में कथित वीआईपी की पहचान और उससे जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग लगातार उठती रही है। इसके बावजूद इन सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने से लोगों के बीच असंतोष बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना और मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाना बेहद जरूरी है।
कांग्रेस नेता ने दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें भाजपा के प्रदेश प्रभारी पद से हटाए जाने के बाद भी उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर किसी स्पष्ट कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। अब उन्हें सिक्किम के राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर नियुक्त किया जाना राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। हालांकि, करन माहरा के बयान में लगाए गए आरोपों को संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर देखा जाना चाहिए।
करन माहरा ने कहा कि भाजपा हाईकमान के इस फैसले से उत्तराखंड की जनता के स्वाभिमान को ठेस पहुंची है। उन्होंने सवाल किया कि जब अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश में लगातार सवाल उठ रहे हैं, तो इनका जवाब देने और मामले से जुड़ी शंकाओं को दूर करने की दिशा में स्पष्ट कदम क्यों नहीं दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए मामले से जुड़े सभी सवालों का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जवाब दिया जाना चाहिए। साथ ही, कथित वीआईपी की पहचान को लेकर उठ रही मांगों पर भी स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि जनता के बीच बने संशय को दूर किया जा सके।
कुल मिलाकर, दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर उत्तराखंड की सियासत के केंद्र में आ गया है।
कांग्रेस ने इस नियुक्ति के बहाने भाजपा नेतृत्व को घेरते हुए न्याय, जवाबदेही और पारदर्शिता का मुद्दा उठाया है। अब इस मामले पर भाजपा की प्रतिक्रिया और आगे होने वाली राजनीतिक गतिविधियों पर सबकी नजरें रहेंगी।


