भारतीय संस्कृति और संस्कारों से विद्यार्थियों को कराया परिचित, भाई-बहन के प्रेम, सम्मान, सहयोग और सामाजिक समरसता का दिया संदेश
कोटद्वार। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर जानकीनगर स्थित रितेश शर्मा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों से ओत-प्रोत विविध कार्यक्रमों का आयोजन हर्षोल्लास और उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय पर्व-परंपराओं के महत्व से परिचित कराने के साथ ही भाई-बहन के पवित्र प्रेम, परस्पर सम्मान, सहयोग, कर्तव्यबोध और सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज कुकरेती एवं कार्यक्रम संयोजक आचार्य रोहित बलोदी ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं पुष्पार्चन कर किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने रक्षाबंधन पर्व के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। छात्र-छात्राओं ने बताया कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के बीच स्नेह और विश्वास का पर्व नहीं है, बल्कि यह भारतीय समाज में प्रेम, सौहार्द, सहयोग और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश भी देता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने छात्रों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान भाई-बहन के रिश्ते में निहित प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी की भावना देखने को मिली। छात्रों ने भी अपनी बहनों के सम्मान, सहयोग और सुरक्षा के प्रति अपने दायित्व का भाव व्यक्त किया।
रक्षाबंधन के अवसर पर विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए विभिन्न रचनात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन भी किया गया। छात्र-छात्राओं ने आकर्षक राखियां तैयार कीं और पर्व से संबंधित गतिविधियों में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारतीय परंपराओं और पारिवारिक मूल्यों की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज कुकरेती ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रत्येक पर्व का अपना विशिष्ट महत्व है। रक्षाबंधन हमें भाई-बहन के रिश्ते की पवित्रता और मजबूती का संदेश देने के साथ-साथ एक-दूसरे के प्रति सम्मान, जिम्मेदारी, सहयोग और संवेदनशीलता का भाव रखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी संस्कृति और परंपराओं को समझने, उनका सम्मान करने तथा भारतीय संस्कारों को अपने व्यवहार और आचरण में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम संयोजक आचार्य रोहित बलोदी ने भी विद्यार्थियों को रक्षाबंधन के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पारिवारिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने में भारतीय पर्वों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ उनमें सहयोग, सम्मान और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में पूरे दिन उत्साह, उमंग और सौहार्द का वातावरण बना रहा। विद्यार्थियों और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने एक-दूसरे के साथ रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं। आयोजन के माध्यम से समाज में प्रेम, सद्भाव, सहयोग और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने का संकल्प भी लिया गया।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय परिवार की ओर से सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं क्षेत्रवासियों को रक्षाबंधन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।








