सरकारी नौकरी के रिश्तों को ठुकरा शिक्षिका ने बेरोजगार प्रेमी से रचाई शादी, बनी मिसाल

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नौकरी से ऊपर प्यार: BPSC शिक्षिका ने सरकारी दूल्हे की जगह चुना अपना ‘बेरोजगार’ प्रेम

पटना। आज के दौर में जहां शादी के लिए सरकारी नौकरी को सबसे बड़ा मानदंड माना जाता है, वहीं बीपीएससी से चयनित एक नव-नियुक्त महिला शिक्षिका ने समाज की इस धारणा को चुनौती देते हुए एक अलग उदाहरण पेश किया है।

शिक्षिका के चयन के बाद उनके घर पर सरकारी अफसरों और ऊंचे पदों पर कार्यरत युवकों के रिश्तों की भरमार लग गई थी। परिवार भी चाहता था कि बेटी की शादी किसी समान स्तर के सरकारी नौकरी वाले युवक से हो। लेकिन शिक्षिका ने सबको चौंकाते हुए अपने बेरोजगार प्रेमी को जीवनसाथी चुन लिया।

दोनों लंबे समय से एक-दूसरे को जानते थे और आपसी समझ व प्रेम के आधार पर शादी का निर्णय लिया। शिक्षिका का कहना है कि यदि वह परिवार के दबाव में आकर किसी बड़े अधिकारी से शादी करतीं, तो शायद वह खुश नहीं रह पातीं।

उन्होंने कहा, “सच्चा सुख पद या पैसे में नहीं, बल्कि उस इंसान के साथ है जिससे आप सच्चा प्रेम करते हैं।”

शिक्षिका के इस फैसले की सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हो रही है। कई लोग इसे सच्चे प्रेम की जीत बता रहे हैं, तो कई इसे समाज में व्याप्त पद-प्रतिष्ठा की सोच पर करारा प्रहार मान रहे हैं।

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