देहरादून बस हादसे में रेस्क्यू के बीच मिला 3.5 लाख नकद से भरा बैग, मालिक को लेकर मची बहस; 3 की मौत, 25 घायल
दर्दनाक हादसे के बीच शर्मनाक तस्वीर: तीन मौतों के पास मिला लाखों का बैग, दावेदारों की भीड़
देहरादून। कोटी मिनस मोटरमार्ग पर सुदोई खड्ड के पास हुए भीषण बस हादसे के बाद एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। हादसे के दौरान जहां तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए, वहीं रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच पैसों से भरा एक बैग मिलने से घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।
दरअसल, हिमाचल प्रदेश के चौपाल से पांवटा साहिब जा रही हिमाचल रोडवेज की बस क्वानू गांव से आगे सुदोई खड्ड के पास हादसे का शिकार हो गई। रेस्क्यू के दौरान लोगों को एक बैग मिला, जिसमें करीब 3 लाख 50 हजार रुपये नकद बताए जा रहे हैं।
बैग मिलते ही कुछ लोगों में लालच आ गया और कई लोग इसे अपना या अपने रिश्तेदार—कोई मामा तो कोई मौसा—का बताने लगे। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि बगल में पड़ी लाशों की बजाय कुछ लोगों की नजरें बैग पर टिकी रहीं और उसे लेकर बहस शुरू हो गई।
हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस ने समय रहते स्थिति को संभालते हुए बैग को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस अब बैग के असली मालिक की पहचान कर उसे सुरक्षित लौटाने की प्रक्रिया में जुटी है।
गौरतलब है कि यह दर्दनाक हादसा उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर हरिपुर मिनस मोटरमार्ग पर सुबह करीब 10 बजे हुआ। बस जब ट्रक को पास दे रही थी, तभी सड़क के नीचे बनी दीवार ढह गई, जिससे बस अनियंत्रित होकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
हादसे को देखते ही आसपास के ग्रामीणों ने बिना देर किए खुद रेस्क्यू शुरू किया। बस में चालक, परिचालक समेत कुल 36 लोग सवार थे। हादसे में दो महिलाओं और एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ उत्तराखंड और हिमाचल की एसडीआरएफ टीमें मौके पर पहुंचीं।
घायलों को विकासनगर अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 की सात एंबुलेंस लगाई गईं, जबकि कई घायलों को निजी वाहनों से अस्पताल ले जाया गया।
कुल 25 घायलों को विकासनगर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर घायलों को देहरादून रेफर किया गया है। कुछ अन्य घायलों का इलाज हिमाचल के पांवटा साहिब में चल रहा है।
वहीं देहरादून के एडीएम और एसडीएम विकासनगर ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया और घायलों का हालचाल जाना। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल बना हुआ है।




















