रानीखेत। स्वर्गीय जयदत्त वैला स्वतंत्रता संग्राम सैनानी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रानीखेत में उत्तराखण्ड शासन प्रदत्त मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत जुलाई 2025 से दिसम्बर 2025 तक की प्रथम छह माह की किस्त डीबीटी के माध्यम से लाभार्थी विद्यार्थियों के खातों में हस्तांतरित कर दी गई है।
इस चरण में महाविद्यालय के विभिन्न संकायों के कुल 102 विद्यार्थी लाभान्वित हुए।
स्नातक स्तर पर प्रथम, तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर में अध्ययनरत विभिन्न संकायों के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को क्रमशः 3000, 2000 एवं 1500 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
वहीं स्नातकोत्तर तृतीय सेमेस्टर में अध्ययनरत प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को क्रमशः 5000, 3000 एवं 2000 रुपये प्रतिमाह की छात्रवृत्ति दी गई।
सत्र 2025-26 में स्नातक उत्तीर्ण प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त छात्र-छात्राओं को क्रमशः 35,000, 25,000 एवं 20,000 रुपये की एकमुश्त छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
इसी प्रकार स्नातकोत्तर स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्तकर्ताओं को क्रमशः 60,000, 35,000 एवं 25,000 रुपये की एकमुश्त छात्रवृत्ति दी गई। इस योजना के लिए उत्तराखण्ड सरकार द्वारा 27,40,000 रुपये का बजट आवंटित किया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पांडे ने सभी लाभार्थियों को बधाई देते हुए माननीय मुख्यमंत्री एवं उत्तराखण्ड शासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह योजना विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी तथा उन्हें शैक्षणिक उत्कृष्टता की ओर अग्रसर करेगी।
उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं में उपस्थित रहने एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
योजना की नोडल अधिकारी डॉ. नमिता मिश्रा ने बताया कि उच्च शिक्षा निदेशालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ प्रदान किया गया है। समिति की सहसंयोजक डॉ. सुमिता गड़कोटी, डॉ. दीपाली कनवाल, डॉ. कोमल गुप्ता, डॉ. निहारिका बिष्ट, डॉ. नीमा बोरा एवं डॉ. किरन चौहान ने इस कार्य का सफल संपादन किया।
वित्तीय कार्यों में महाविद्यालय कार्यालय के नरेंद्र सिंह बिष्ट, राजीव सिंह एवं शंकर कुवार्बी का विशेष सहयोग रहा। इस अवसर पर प्रो. पी.एन. तिवारी एवं डॉ. निर्मला जोशी (संगीत) सहित अन्य प्राध्यापकगण भी उपस्थित रहे।




















