अल्मोड़ा : तड़म में आतंक का कारण बना बाघ पकड़ा गया, वन विभाग ने कॉर्बेट भेजा

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मोहान वन क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटना के बाद रेस्क्यू अभियान हुआ सफल।

रिपोर्टर बलवंत सिंह रावत

अल्मोड़ा (रानीखेत)। मोहान वन प्रभाग की कैमोरिया बीट अंतर्गत ग्राम सभा तड़म में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटना के बाद वन विभाग द्वारा चलाए जा रहे लगातार रेस्क्यू अभियान को बड़ी सफलता मिली है।

उप प्रभागीय वनाधिकारी काकुल पुंडीर ने बताया कि रविवार 11 मई 2026 की सुबह करीब 9 बजे बाघ का सफल रेस्क्यू कर लिया गया। स्वास्थ्य परीक्षण में बाघ पूरी तरह स्वस्थ पाया गया, जिसके बाद उसे कॉर्बेट टाइगर रिजर्व भेज दिया गया।

वन विभाग के अनुसार 31 मार्च 2026 को हुई घटना के बाद से क्षेत्र में ड्रोन, ट्रैप कैमरे और गठित गश्ती दलों की मदद से लगातार निगरानी अभियान चलाया जा रहा था। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए पिंजरे, फॉक्स लाइट, सायरन और अग्निशमन उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। साथ ही लोगों को लगातार सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने के लिए जागरूक भी किया गया।

वन विभाग की टीम ने रात्रिकालीन गश्त, ट्रैकिंग और सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रखे। अभियान में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और नैनीताल चिड़ियाघर की विशेषज्ञ रेस्क्यू टीमों का भी सहयोग लिया गया।

बताया गया कि 3 मई 2026 को ग्राम सभा तड़म के पास बाघ को ट्रैंकुलाइज करने का प्रयास किया गया था, लेकिन घने जंगल और विषम परिस्थितियों के कारण सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद अभियान को और तेज करते हुए अतिरिक्त टीमों की तैनाती की गई।

वन विभाग ने क्षेत्र में पोस्टर और पंपलेट वितरित कर जन-जागरूकता अभियान भी चलाया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीवों की गतिविधियां दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें, जंगल में अकेले न जाएं और अंधेरे में अनावश्यक आवाजाही से बचें।

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