भीमताल। विकासखंड ओखलकांडा के ग्राम पंचायत च्यूरीगाड़ परिसर में पूर्व दर्जा राज्यमंत्री एवं प्रमुख राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू के नेतृत्व में जूनियर हाईस्कूल च्यूरीगाड़ को बंद किए जाने के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया गया।
इस दौरान ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विद्यालय को तत्काल पुनः संचालित करने और शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए हरीश पनेरू ने कहा कि वर्ष 1986 में स्थापित जूनियर हाईस्कूल च्यूरीगाड़ आज सरकारी अनदेखी के कारण बंद होने की कगार पर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में वर्तमान में 19 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिन्हें अब करीब तीन किलोमीटर दूर पुटगांव स्थित विद्यालय जाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कमी का हवाला देकर विद्यालय को बंद करना पहाड़ी क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था के साथ अन्याय है।
पनेरू ने इस संबंध में जिलाधिकारी नैनीताल एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी से दूरभाष पर वार्ता कर एक सप्ताह के भीतर विद्यालय को पुनः संचालित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समयावधि में विद्यालय शुरू नहीं किया गया तो मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री से भी विद्यालय में शिक्षकों की शीघ्र नियुक्ति कराने की मांग करते हुए कहा कि सरकार को पहाड़ों में शिक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए, न कि स्कूलों को बंद कर लोगों को पलायन के लिए मजबूर करना चाहिए।
धरना-प्रदर्शन में टिकम सिंह, सरपंच गणेश सिंह बोरा, सरस्वती देवी, भानु देवी, खीम सिंह, मोहन चंद्र, जीवन सिंह, वीरेंद्र सिंह, रमेश रैकवाल, राजू सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।

