रानीखेत : नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक में हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

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रानीखेत। राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), अल्मोड़ा की छमाही बैठक आज दिनांक 17.07.2026 को क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, रानीखेत में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न केंद्रीय कार्यालयों के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लेते हुए सरकारी कामकाज में राजभाषा हिंदी के प्रभावी प्रयोग को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ धन्वंतरि वंदना, राष्ट्रगीत तत्पश्चात् सीसीआरएएस कुलगीत के साथ हुआ। इसके उपरांत अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, रानीखेत के प्रभारी सहायक निदेशक डॉ. वी.बी. कुमावत ने स्वागत भाषण देते हुए सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा राजभाषा हिंदी के व्यापक उपयोग पर बल दिया।

बैठक में सदस्य कार्यालयों के प्रतिनिधियों का परिचय कराया गया तथा पिछली बैठक के कार्यवृत्त पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। इसके बाद कार्यसूची के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। सदस्य कार्यालयों ने अपने-अपने संस्थानों में हिंदी के प्रयोग एवं राजभाषा प्रगति संबंधी प्रस्तुतिकरण दिए तथा अनुभव और नवाचार साझा किए।

मुख्य अतिथि के रूप में राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय के सहायक निदेशक (कार्यान्वयन) श्री अजय कुमार चौधरी ने ऑनलाइन संबोधन में कहा कि राजभाषा हिंदी का प्रभावी क्रियान्वयन प्रशासनिक कार्यों को अधिक सरल, पारदर्शी और जनोन्मुख बनाता है। उन्होंने सभी कार्यालयों से राजभाषा संबंधी वार्षिक कार्यक्रमों एवं लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने का आह्वान किया।

बैठक की अध्यक्षता नराकास, अल्मोड़ा के अध्यक्ष एवं विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कान्त ने की। उन्होंने सदस्य कार्यालयों द्वारा हिंदी के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए आपसी समन्वय एवं नवाचार के माध्यम से राजभाषा के अधिकाधिक प्रयोग पर बल दिया।

बैठक के दौरान राजभाषा शील्ड 2025-26 हेतु भारतीय स्टेट बैंक अल्मोड़ा, गोविन्द बल्लभ पन्त राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण संस्थान, अल्मोड़ा एवं बैंक ऑफ इण्डिया, अल्मोड़ा को राजभाषा में किये गये उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया तथा क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, रानीखेत को आयोजनकर्ता के रूप में प्रशस्ति पत्र प्रदान की गयी।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. पंकज पाण्डेय ने किया, जबकि सदस्य सचिव रेनू सनवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। बैठक का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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