रानीखेत। आर्मी पब्लिक स्कूल रानीखेत की प्रतिभाशाली छात्रा याग्यिका कुंद्रा ने अपनी शानदार शतरंज प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए इंटर-एपीएस सेंट्रल कमांड चेस क्लस्टर-2 चैंपियनशिप के अंडर-14 वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
प्रतिष्ठित शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन 08 अगस्त 2026 को आर्मी पब्लिक स्कूल, अयोध्या में किया गया।
प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच याग्यिका कुंद्रा ने अपनी बेहतरीन रणनीति, एकाग्रता, धैर्य और शतरंज की बारीकियों पर मजबूत पकड़ का परिचय दिया।
उन्होंने प्रत्येक मुकाबले में आत्मविश्वास के साथ अपनी चालें चलीं और शानदार प्रदर्शन करते हुए अंडर-14 वर्ग में शीर्ष स्थान हासिल किया।
याग्यिका की इस उपलब्धि को उनकी निरंतर मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम माना जा रहा है।
शतरंज जैसे खेल में धैर्य, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और रणनीतिक सोच की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, और याग्यिका ने प्रतियोगिता के दौरान इन सभी गुणों का बेहतरीन प्रदर्शन किया।
याग्यिका की शानदार सफलता से आर्मी पब्लिक स्कूल रानीखेत परिवार में खुशी और गर्व का माहौल है। विद्यालय के प्रधानाचार्य कमलेश जोशी ने याग्यिका को इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी।
उन्होंने कहा कि छात्रा की सफलता विद्यालय के लिए गौरव का विषय है और यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों को भी खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
विद्यालय के शारीरिक शिक्षक सैम स्मिथ एवं भूपेंद्र परिहार ने भी याग्यिका के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि याग्यिका ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता निश्चित रूप से विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
विद्यालय प्रबंधन ने याग्यिका के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वह आने वाले समय में भी शतरंज प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय, रानीखेत और उत्तराखंड का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगी।
याग्यिका कुंद्रा की यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि आर्मी पब्लिक स्कूल रानीखेत में खेल प्रतिभाओं को मिल रहे प्रोत्साहन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में विद्यालय के प्रयासों का भी प्रमाण है।


