विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने ली विकास कार्यों की समीक्षा बैठक, अनुपस्थित अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण।
रिपोर्ट- बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत। ब्लॉक सभागार रानीखेत में क्षेत्रीय विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल की अध्यक्षता में ब्लॉक मुख्यालय में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि, सांसद निधि, जिला योजना, आपदा मद समेत विभिन्न योजनाओं के तहत चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
विधायक ने अधिकारियों को लंबित कार्यों में तेजी लाने और जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए। बैठक में बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने वाले ग्राम विकास अधिकारियों (VDO) से स्पष्टीकरण भी मांगा गया।
विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में अटके हुए विकास कार्यों को गति देना है, ताकि योजनाओं का लाभ जल्द से जल्द आम जनता तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि विधायक निधि, सांसद निधि, जिला योजना और आपदा से संबंधित जो भी कार्य लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए। साथ ही पात्र लोगों को आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।
आपदा से हुए नुकसान का तत्काल बने एस्टीमेट
विधायक ने आपदा से क्षतिग्रस्त सार्वजनिक संपत्तियों को लेकर भी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कई जनप्रतिनिधियों को आपदा मद से सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं है। केवल पटवारी या तहसील में आवेदन देने से मुआवजा अथवा धनराशि स्वीकृत नहीं होती।
उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त सड़क, दीवार, विद्यालय, अस्पताल अथवा अन्य सार्वजनिक संपत्ति के लिए संबंधित विभाग की ओर से एस्टीमेट तैयार किया जाता है। इसके बाद मामला संयुक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से जिलाधिकारी तक पहुंचता है और परीक्षण के बाद धनराशि स्वीकृत होती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश अथवा आपदा से सार्वजनिक संपत्तियों को हुए नुकसान का तत्काल आकलन कर एस्टीमेट तैयार कर जिलाधिकारी को भेजा जाए।
विधायक ने कहा कि वे स्वयं भी आपदा से प्रभावित आवश्यक सार्वजनिक संपत्तियों की मरम्मत और पुनर्निर्माण की प्रगति पर नजर रखेंगे, ताकि कार्य जल्द पूरे हो सकें।
रानीखेत में विकास को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
बैठक के बाद विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने प्रदेश सरकार के कार्यकाल में रानीखेत विधानसभा में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यकाल में विधानसभा क्षेत्र में सड़क, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में व्यापक कार्य हुए हैं। उनके अनुसार पिछले वर्षों की तुलना में बीते पांच वर्षों में रानीखेत विधानसभा में विकास की गति बढ़ी है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र की कई सड़कों को गड्ढामुक्त किया गया है और अनेक मार्गों पर हॉटमिक्स का कार्य भी कराया गया है।
कैंट क्षेत्र में अटकी सड़क का काम जल्द शुरू होने की उम्मीद
रानीखेत-पंतकोटली-वलना सड़क के संबंध में विधायक ने कहा कि सड़क का कुछ हिस्सा छावनी क्षेत्र में आने के कारण निर्माण कार्य में अड़चन आई थी। इसके बाद उन्होंने कैंट के अधिकारियों से वार्ता कर रानीखेत बाजार से पंतकोटली तक करीब डेढ़ किलोमीटर के क्षतिग्रस्त हिस्से को दुरुस्त कराने का प्रयास किया।
उन्होंने बताया कि सड़क के लिए धनराशि स्वीकृत हो चुकी है और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। बरसात समाप्त होते ही सड़क का कार्य शुरू कराया जाएगा।
पूर्व विधायक के आरोपों पर भी साधा निशाना
पूर्व विधायक की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. प्रमोद नैनवाल ने कहा कि विपक्ष का काम हर कार्य का विरोध करना नहीं होना चाहिए। उन्होंने रानीखेत अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि अस्पताल में नई अल्ट्रासाउंड मशीन, कलर एक्स-रे, हेल्थ एटीएम और एनआईसीयू जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं। इसके अलावा विशेषज्ञ चिकित्सकों और अन्य डॉक्टरों की तैनाती भी हुई है।
उन्होंने कहा कि किसी भी अस्पताल में शत-प्रतिशत उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना संभव नहीं है, लेकिन सरकार और जनप्रतिनिधियों का प्रयास है कि अधिक से अधिक स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जाएं।
कैंट क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए समान मानक की मांग
रानीखेत छावनी क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर विधायक ने कहा कि विकास कार्यों के लिए सभी जनप्रतिनिधियों के लिए समान मानक होने चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी सांसदों और विधायकों की विधायक निधि से छावनी क्षेत्र में कार्य हुए हैं, इसलिए वर्तमान में उनके द्वारा प्रस्तावित जनहित के कार्यों में अनावश्यक बाधा नहीं आनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि रानीखेत में छावनी क्षेत्र होने के कारण कई विकास कार्य स्वीकृति के अभाव में अटक जाते हैं। ऐसे में पुराने और वर्तमान सभी जनप्रतिनिधियों के कार्यों के लिए समान नियम लागू होने चाहिए। विधायक ने अधिकारियों को लंबित कार्यों को जल्द शुरू कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में ज्येष्ठ प्रमुख सोनी भगत, कनिष्ठ प्रमुख जीवन बुथानी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गिरीश भगत, जिला महामंत्री ध्यान सिंह नेगी, पूर्व प्रधान मंजीत भगत, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


