विकासखण्ड ताड़ीखेत मे क्षेत्र पंचायत बैठक आयोजित,बैठक में राशन, पानी और सड़कों के मुद्दों पर छाया हंगामा, क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने पेयजल शुल्क न देने और दी आंदोलन करने की चेतावनी।
रिपोर्ट- बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत। विकासखंड ताड़ीखेत के ब्लॉक सभागार में शुक्रवार को ब्लॉक प्रमुख बबली मेहरा की अध्यक्षता में क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी ने प्रतिभाग किया। ताड़ीखेत पहुंचने पर ब्लॉक प्रमुख ने अतिथियों का स्वागत किया। बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्यों, ग्राम प्रधानों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर विभागीय अधिकारियों से तीखे सवाल किए। पेयजल, स्वास्थ्य, सड़क और विद्युत व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं बैठक में प्रमुख रूप से छाई रहीं। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि आज भी कई ग्राम सभाएं पेयजल संकट से जूझ रही हैं और लोगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
बैठक में जल संस्थान की कार्यप्रणाली को लेकर भी कई सवाल उठाए गए। कई क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने आरोप लगाया कि पानी के वितरण में अनियमितताएं बरती जा रही हैं, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समय पर पानी की आपूर्ति न होने को लेकर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
क्षेत्र पंचायत सदस्य (पापड़ा) प्रभात सिंह नेगी ने पिछले तीन महीनों से राशन वितरण प्रभावित होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राशन न मिलने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और संबंधित विभाग को तत्काल समाधान करना चाहिए।
वहीं क्षेत्र पंचायत सदस्य (कड़ाकोट) नवीन रावत ने जल संस्थान के अधिकारियों पर पैसे लेकर कार्य करने का गंभीर आरोप लगाया। इस पर बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने विरोध जताते हुए सर्वसम्मति से पेयजल शुल्क न देने का निर्णय लिया।
क्षेत्र पंचायत सदस्य महेंद्र सिंह फर्त्याल ने विधायक निधि से निर्मित सड़क को लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने का प्रश्न उठाया। इस पर सहायक अभियंता अजय टम्टा ने स्पष्ट किया कि उनका विभाग विधायक निधि से बनी सड़कों को टेकओवर नहीं करता है।
बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी रही। क्षेत्र पंचायत सदस्य रचना रावत ने महत्वपूर्ण बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों के न पहुंचने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे जनप्रतिनिधियों का अनादर बताया।
बिल्लेख क्षेत्र में पशुपालन विभाग के अधिकारियों और पशु चिकित्सकों की तैनाती न होने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पशुपालकों को समय पर चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिलने से भारी परेशानी हो रही है।
हालांकि विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे, लेकिन समाज कल्याण विभाग के कार्यों की बैठक में सराहना भी की गई। जनप्रतिनिधियों ने विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों और जनसेवा की प्रशंसा की।
बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन और प्रदर्शन किया जाएगा।
इस दौरान परियोजना अधिकारी के.एन. तिवाड़ी ने कहा कि बैठक में पेयजल, पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई से संबंधित कई महत्वपूर्ण मामले सामने आए हैं। कुछ समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया है, जबकि अन्य मामलों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिन समस्याओं का तत्काल निस्तारण नहीं हो सका है, उन्हें संबंधित विभागों को भेज दिया गया है तथा 15 दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी ने कहा कि बैठक में पेयजल, शिक्षा और पूर्ति विभाग से जुड़ी अनेक शिकायतें सामने आई हैं। संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं और प्रयास रहेगा कि इन समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो ताकि भविष्य में इन्हें दोबारा न उठाना पड़े।
ब्लॉक प्रमुख बबली मेहरा ने कहा कि क्षेत्र पंचायत की बैठक में पेयजल, विद्युत और स्वास्थ्य विभाग से संबंधित समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा की गई। कई समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया, जबकि शेष मामलों के लिए संबंधित विभागों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में जिला पंचायत सदस्य हिमांशु कुमार, ज्येष्ठ उप प्रमुख सोनी भगत, कनिष्ठ उप प्रमुख जीवन चंद्र, पूर्व ब्लॉक प्रमुख एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य रचना रावत, पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य विमला रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य महेंद्र सिंह फर्त्याल, नीरज माहरा, प्रभात सिंह नेगी सहित बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।



