भीमताल। राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू ने भीमताल विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न आपदा प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर लगातार हो रही भारी बारिश से हुए नुकसान का स्थलीय जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और क्षेत्र में हुए नुकसान की जानकारी ली।
भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर मकानों, खेतों, पशुधन और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की सूचनाओं के बीच हरीश पनेरू ने प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी आवश्यकताओं को जाना। उन्होंने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता की आवश्यकता है और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
दौरे के दौरान हरीश पनेरू ने दूरभाष के माध्यम से संबंधित विभागीय अधिकारियों से भी वार्ता की और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने की मांग की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन क्षेत्रों में लोगों को भारी नुकसान हुआ है, वहां प्रशासनिक और विभागीय टीमें तत्काल पहुंचकर स्थिति का आकलन करें तथा जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर राहत उपलब्ध कराएं।
उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग की कि आपदा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए। साथ ही जिन लोगों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं या जो असुरक्षित परिस्थितियों में रह रहे हैं, उनके लिए सुरक्षित रहने की समुचित व्यवस्था की जाए। प्रभावित लोगों के लिए भोजन और स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी उन्होंने जोर दिया।
हरीश पनेरू ने कहा कि भारी बारिश से जिन परिवारों के मकान, पशुधन, खेत और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है, उनका प्रशासन द्वारा शीघ्र सर्वे कराया जाना चाहिए। नुकसान का वास्तविक आकलन कर पीड़ित परिवारों को नियमानुसार उचित और शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे इस संकट से उबर सकें।
उन्होंने कहा कि आपदा के समय प्रशासन को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करना चाहिए। राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही प्रभावित परिवारों की मुश्किलें और बढ़ा सकती है।
हरीश पनेरू ने कहा, “मुश्किल की इस घड़ी में भीमताल विधानसभा की जनता अकेली नहीं है। मैं हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ा हूं और प्रशासन से अपील करता हूं कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।”
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए और जहां भी आवश्यकता हो, वहां तत्काल राहत टीमें भेजकर लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।







