रानीखेत में 18वें संस्कृत महोत्सव का भव्य आगाज, छात्र-छात्राओं ने संस्कृत प्रतियोगिताओं में दिखाया हुनर

राजकीय (आदर्श) बालिका इंटर कॉलेज, रानीखेत में 18वें संस्कृत महोत्सव की शुरुआत, 23-24 सितंबर को होंगी विभिन्न प्रतियोगिताएं।

रिपोर्ट — बलवन्त सिंह रावत

रानीखेत। उत्तराखंड संस्कृत संस्थान, उत्तराखंड सरकार, हरिद्वार के तत्वावधान में 18वें संस्कृत महोत्सव के अंतर्गत खंडस्तरीय संस्कृत स्पर्धाओं का बुधवार को राजकीय (आदर्श) बालिका इंटर कॉलेज, रानीखेत में भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी और विशिष्ट अतिथि चूड़ामणि हर्बोला ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

दो दिवसीय यह संस्कृत महोत्सव 23 और 24 सितंबर 2026 को आयोजित किया जा रहा है। महोत्सव में ताड़ीखेत ब्लॉक के विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ ही उनकी भाषाई, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना है।

विभिन्न संस्कृत प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

महोत्सव के दौरान विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इनमें संस्कृत नाटक, संस्कृत वाद-विवाद, संस्कृत समूहगान, संस्कृत आशुभाषण, संस्कृत समूहनृत्य और श्लोकोच्चारण जैसी प्रतियोगिताएं प्रमुख हैं।

प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने संस्कृत भाषा में अपनी प्रतिभा और अभिव्यक्ति कौशल का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिन्हें उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों और दर्शकों ने सराहा।

बच्चों की प्रस्तुतियों से प्रभावित हुईं संयुक्त मजिस्ट्रेट

मुख्य अतिथि संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी ने कहा कि संस्कृत महोत्सव में बच्चों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गईं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां बेहद सुंदर और सराहनीय रहीं।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनसे संवाद करना और उनकी प्रस्तुतियों को देखना उनके लिए सुखद अनुभव रहा। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करने का आह्वान किया।

संस्कृत भाषा के प्रति रुचि बढ़ाना मुख्य उद्देश्य

आयोजन समिति के शिवराज सिंह बिष्ट ने बताया कि संस्कृत महोत्सव का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं में संस्कृत भाषा के प्रति रुचि पैदा करना और उनकी प्रतिभाओं को एक उपयुक्त मंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल भाषा ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को संस्कृत के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है।

उन्होंने बताया कि महोत्सव में ताड़ीखेत ब्लॉक के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर रहे हैं। दो दिनों तक चलने वाली प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ उनकी प्रतिभा को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।

शिक्षकों और विद्यार्थियों की रही सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम में ब्लॉक संस्कृत संयोजक मीरा नेगी, स्थलीय संयोजक एवं प्रधानाचार्य विमला बिष्ट, शिवराज सिंह बिष्ट, रमेश चंद्र पपनै, चंद्रशेखर बुधोड़ी, कृष्ण कुमार उपाध्याय, योगेश तिवाड़ी, नवीन चंद्र जोशी, ममता उपाध्याय, सुधि टम्टा, ज्योति मौलीखी सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

महोत्सव के आयोजन से विद्यालय परिसर में संस्कृत भाषा और संस्कृति का माहौल देखने को मिला। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया।

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