एपीएस रानीखेत में छात्राओं के लिए एचपीवी टीकाकरण शिविर आयोजित, 14-15 वर्ष की छात्राओं को लगाए गए टीके

आर्मी पब्लिक स्कूल रानीखेत में एचपीवी टीकाकरण शिविर आयोजित।

रिपोर्ट– बलवन्त सिंह रावत 

रानीखेत। आर्मी पब्लिक स्कूल (एपीएस) रानीखेत में छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन गोविंद सिंह मेहरा राजकीय चिकित्सालय के सहयोग से किया गया, जिसमें 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की छात्राओं को एचपीवी के टीके लगाए गए।

शिविर चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दीपक शर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस दौरान मेडिकल टीम ने छात्राओं को टीकाकरण की प्रक्रिया के साथ-साथ एचपीवी संक्रमण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी दीं।

छात्राओं को संबोधित करते हुए डॉ. दीपक शर्मा ने बताया कि ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) एक सामान्य वायरल संक्रमण है, जिसके कुछ प्रकार भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं। उन्होंने एचपीवी संक्रमण से बचाव में टीकाकरण की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि किशोरावस्था में समय पर आवश्यक टीकाकरण करवाना भविष्य में कई गंभीर बीमारियों से बचाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही छात्राओं को अपने स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करने और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकों से परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया गया।

शिविर के दौरान छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता, नियमित स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। चिकित्सालय की मेडिकल टीम ने छात्राओं के टीकाकरण से पहले आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार टीके लगाए।

विद्यालय के प्रधानाचार्य कमलेश जोशी ने इस स्वास्थ्य जागरूकता एवं टीकाकरण पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि छात्राओं के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के लिए इस तरह के कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने शिविर के सफल आयोजन के लिए गोविंद सिंह मेहरा राजकीय चिकित्सालय के चिकित्सकों एवं पूरी मेडिकल टीम का आभार व्यक्त किया।

विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि विद्यार्थियों की शिक्षा के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य और समग्र विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों से छात्राओं में स्वास्थ्य संबंधी समझ बढ़ने के साथ-साथ उन्हें समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ भी मिल सकेगा।

See also  महिला की इतनी भयानक मौत: साड़ी-बाल काटने के बाद निकली लाश, छिलके से उधड़ गई चमड़ी
error: Content is protected !!