रानीखेत में एसएसबी ने किया ‘साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता माह’ का शुभारंभ।
मजबूत पासवर्ड से लेकर 1930 हेल्पलाइन तक, रानीखेत में बलकर्मियों को दी साइबर सुरक्षा की जानकारी
रिपोर्ट– बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत। बल मुख्यालय, नई दिल्ली के तत्वावधान एवं सीमांत मुख्यालय रानीखेत के महानिरीक्षक अमित कुमार के कुशल मार्गदर्शन में सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को ‘साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता माह’ का शुभारंभ किया गया। डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ सामने आ रही ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर अपराध और डिजिटल सुरक्षा की चुनौतियों को देखते हुए यह विशेष अभियान शुरू किया गया है।
अभियान का मुख्य उद्देश्य सीमांत मुख्यालय के अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों और जवानों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक एवं सतर्क करना तथा उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम के दौरान देबासीस पाल, कमांडेंट (संचार) ने उपस्थित कार्मिकों को साइबर सुरक्षा के मूलभूत सिद्धांतों की जानकारी दी। उन्होंने सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, डिजिटल बैंकिंग करते समय बरती जाने वाली सावधानियों और ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान व्यक्तिगत एवं वित्तीय जानकारी को सुरक्षित रखने के तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर महानिरीक्षक अमित कुमार ने बलकर्मियों को साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड का इस्तेमाल करने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन लागू करने तथा अनजान व्यक्तियों द्वारा भेजे गए संदिग्ध लिंक, संदेश, ई-मेल और फोन कॉल से सावधान रहने की अपील की।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्राइवेसी सेटिंग्स को सुरक्षित रखने, व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा न करने तथा किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि पर तत्काल सतर्क होने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही डिजिटल बैंकिंग के दौरान ओटीपी, पासवर्ड, पिन और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने के प्रति भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई।
सीमांत मुख्यालय की ओर से बताया गया कि अक्टूबर माह भर साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान के माध्यम से सभी कार्मिकों को साइबर सुरक्षा की सर्वोत्तम पद्धतियों से परिचित कराने और कार्यस्थल पर सुरक्षित डिजिटल संस्कृति विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान डिजिटल दौर में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। ऐसे में जागरूकता, सतर्कता और समय पर कार्रवाई ही साइबर अपराध से बचाव का महत्वपूर्ण माध्यम है।


