भगवानपुर रोड पर जुटे समाज के लोग, कथित अतिक्रमण की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
हल्द्वानी। रानीबाग स्थित शनि मंदिर के कथित अतिक्रमण के विरोध में पहाड़ी समाज का हस्ताक्षर अभियान चौथे दिन भी जारी रहा। सोमवार को भगवानपुर रोड पर जिलाध्यक्ष प्रेमा मेर के नेतृत्व में समाज के लोगों ने अभियान चलाकर स्थानीय लोगों से हस्ताक्षर कराए। संगठन ने कहा कि रानीबाग की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े मामले को लेकर अभियान आगे भी जारी रखा जाएगा।
इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रभारी अंजू पांडेय और जिला उपाध्यक्ष नीमा भट्ट ने कहा कि रानीबाग में कथित अतिक्रमण के खिलाफ पहाड़ी समाज लगातार आवाज उठा रहा है। उन्होंने कहा कि यह समय समाज को एकजुट करने का है और अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए सभी को आगे आना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
महिला नगर अध्यक्ष कविता जीना, फौजी राजेंद्र कांडपाल और आनंद कन्याल ने आरोप लगाया कि रानीबाग की भूमि को पहाड़ी समाज जिया रानी की कुलदेवी से जुड़ी धार्मिक आस्था की भूमि मानता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में हेमंत गुप्ता की ओर से कत्युरी समाज के 49 लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि मामले को लेकर पहाड़ी समाज के लोग लगातार नैनीताल जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और काठगोदाम कोतवाली में अपनी शिकायत और पक्ष रखने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित सुनवाई नहीं मिल रही है।
पदाधिकारियों ने मामले में राजनीतिक दबाव की आशंका भी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन पर दबाव हो सकता है तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है। हालांकि, ये आरोप संगठन के पदाधिकारियों द्वारा लगाए गए हैं।
पहाड़ी समाज ने प्रशासन से मांग की कि रानीबाग में कथित अतिक्रमण, भूमि से जुड़े विवाद और दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो।
संगठन ने स्पष्ट किया कि जब तक मामले का उचित समाधान नहीं होता, तब तक हस्ताक्षर अभियान जारी रखा जाएगा और समाज के लोगों को अभियान से जोड़ा जाएगा।
हस्ताक्षर अभियान के दौरान प्रदीप रौतेला, दीपा पांडेय, अंजू पांडेय, राम पांडे, गीता बिष्ट, नीमा भट्ट, महेश भट्ट सहित पहाड़ी समाज के कई लोग मौजूद रहे।


