रानीबाग जिया माता मंदिर परिसर में अतिक्रमण के खिलाफ पहाड़ी आर्मी का हस्ताक्षर अभियान तेज 12वां दिन जारी

49 लोगों पर मुकदमे के खिलाफ पहाड़ी आर्मी ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

रानीबाग चित्रशिला धाम में कथित अतिक्रमण का विवाद गहराया, हेमंत कुमार गुप्ता पर कार्रवाई की मांग; सीमांकन कराकर अतिक्रमण हटाने की मांग

हल्द्वानी/रानीबाग। नैनीताल जिले के रानीबाग स्थित ऐतिहासिक चित्रशिला धाम एवं माता जिया रानी मंदिर परिसर में कथित अतिक्रमण को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पहाड़ी आर्मी उत्तराखंड ने मंदिर परिसर की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर एक अक्टूबर से जन हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है।

पहाड़ी आर्मी के संस्थापक अध्यक्ष हरीश रावत ने आरोप लगाया कि कत्यूरी वंश की आराध्य देवी माता जिया रानी की तपोभूमि और पवित्र चित्रशिला धाम में शनि मंदिर के नाम पर स्थायी ढांचा खड़ा कर मंदिर के आंगन तथा परंपरागत मेले की भूमि को घेरा जा रहा है। संगठन का दावा है कि इससे माता जिया रानी की गुफा से होने वाले पवित्र शिला के दर्शन भी प्रभावित हो रहे हैं।

हरीश रावत का कहना है कि गार्गी नदी के तट पर स्थित चित्रशिला धाम की धार्मिक और ऐतिहासिक मान्यता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनका दावा है कि संबंधित भूमि राजस्व अभिलेखों में माता जिया रानी एवं चित्रेश्वर महाराज चित्राशिला घाट के नाम से दर्ज है। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि संबंधित भूमि पर निजी व्यवसायिक गतिविधियों और निर्माण की अनुमति किस आधार पर दी गई।

पहले भी अतिक्रमण के प्रयास का लगाया आरोप

पहाड़ी आर्मी ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी मंदिर समिति की भूमि पर चौपाटी विकसित करने की आड़ में जमीन पर कब्जे का प्रयास किया गया था। संगठन के आंदोलन के बाद सरकार द्वारा उक्त निर्माण को ध्वस्त किए जाने का दावा भी हरीश रावत ने किया।

49 लोगों पर मुकदमे का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

हरीश रावत के अनुसार, 29 अगस्त को कत्युरी पहाड़ी समाज की ओर से रानीबाग में कथित अतिक्रमण के खिलाफ महापंचायत आयोजित की गई थी। महापंचायत के बाद मंदिर में दर्शन के दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई। उनका आरोप है कि इस दौरान हेमंत कुमार गुप्ता ने दर्शन करने पहुंचे लोगों पर हमला किया और धारदार वस्तुएं फेंकी गईं।

हरीश रावत का आरोप है कि घटना का विरोध करने पर कत्युरी समाज के 49 लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके समेत करीब आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया। पहाड़ी आर्मी ने पूरे प्रकरण में राजनीतिक दबाव की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

निर्माण को लेकर प्राधिकरण में शिकायत का दावा

पहाड़ी आर्मी के अनुसार, अगस्त 2025 में कत्युरी समाज के प्रतिनिधियों ने रानीबाग में कथित रूप से रात के समय हो रहे दो मंजिला निर्माण की जानकारी राजस्व निरीक्षक रानीबाग और विकास प्राधिकरण को लिखित रूप में दी थी।

संगठन का दावा है कि शिकायत के बाद विकास प्राधिकरण ने 12 अगस्त 2025 को प्रकरण संख्या यूसीएमएस/एनडीए/आर/0873/2025 में निर्माण को दर्ज किया था। इसके बाद 10 नवंबर 2025 के निर्णय में निर्माण को हटाने के आदेश दिए जाने का भी दावा किया गया है। हालांकि, संगठन का आरोप है कि आदेश के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा और इसके आगे बड़ा टीन शेड भी बनाया गया।

हरीश रावत ने आरोप लगाया कि 27 जुलाई 2026 को पौराणिक चित्रेश्वर महादेव मंदिर के शिखर तक एंगल लगाए गए, जिससे मंदिर परिसर की मूल संरचना और सांस्कृतिक पहचान प्रभावित हुई। उनका कहना है कि इसकी सूचना तत्काल राजस्व विभाग और एसडीएम को दी गई।

पौराणिक मंदिर की संरचना प्रभावित करने का आरोप

पहाड़ी आर्मी ने आरोप लगाया कि मंदिर परिसर में बिना अनुमति बनाए गए शनि मंदिर के आसपास दो-तीन मंजिला कमरे और टीन शेड बनाए जाने से पौराणिक परिसर का स्वरूप प्रभावित हुआ है। संगठन का दावा है कि निर्माण के चलते मंदिर परिसर की बड़ी भूमि घिर गई है।

हरीश रावत ने आरोप लगाया कि कथित अतिक्रमण के दौरान करीब दो हजार वर्ष पुराने पौराणिक चित्रेश्वर धाम की संरचना को नुकसान पहुंचाया गया, मंदिर के गुंबद को बंद किया गया तथा लोहे की रॉड और मशीनों के माध्यम से मंदिर की नींव के आसपास निर्माण कार्य किया गया। साथ ही माता जिया रानी की तपोभूमि के एक हिस्से को टीन शेड से ढकने का आरोप भी लगाया गया है।

शनिदेव के विरोध में नहीं, अतिक्रमण के खिलाफ आंदोलन

पहाड़ी आर्मी ने स्पष्ट किया कि उसका आंदोलन शनिदेव या उनकी पूजा के विरोध में नहीं है। संगठन का कहना है कि सनातन परंपरा में शनिदेव का महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन पौराणिक शिव मंदिर परिसर की भूमि पर कथित तौर पर बिना अनुमति किए गए निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ उनका विरोध है।

संगठन ने मांग की है कि प्रशासन मौके का विधिवत सीमांकन कराए, राजस्व अभिलेखों और निर्माण से संबंधित अनुमतियों की स्थिति सार्वजनिक करे तथा यदि निर्माण अवैध पाया जाता है तो उसे तत्काल हटाया जाए।

‘रानीबाग कूच’ की चेतावनी

हरीश रावत ने कहा कि फिलहाल पहाड़ी समाज के बीच इस पूरे मामले को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी आर्मी राज्यभर में जागरूकता भ्रमण का कार्यक्रम तैयार कर रही है। इसके बाद पहाड़ की जनता को एकजुट कर ‘रानीबाग कूच’ का बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी है।

उन्होंने कहा कि संगठन ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाली भूमि को कथित कब्जे से मुक्त कराने के लिए आंदोलन जारी रखेगा। साथ ही 49 लोगों पर दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष जांच और पूरे प्रकरण में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग दोहराई।

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