रानीखेत में फूटा कांग्रेस के आक्रोश का ज्वालामुखी, कांग्रेस ने फूंका मुख्यमंत्री का पुतला, कहा- “यह महिला वंदन नहीं, महिला क्रंदन है”
रिपोर्ट- बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत। चंपावत में नाबालिग किशोरी के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की दर्दनाक घटना को लेकर रानीखेत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने गांधी चौक पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पुतला दहन कर प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की।
महिला जिलाध्यक्ष गीता पवार ने कहा कि प्रदेश में बेटियां खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार “महिला वंदन” की बात करती है, लेकिन जमीनी हकीकत में यह “महिला क्रंदन” बन चुका है। उन्होंने कहा कि जब मासूम बच्चियां भी सुरक्षित नहीं हैं तो प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगातार बढ़ रही महिला अपराध की घटनाओं ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने, दोषियों को कड़ी सजा देने और महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष उमेश भट्ट ने की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अपनी आवाज बुलंद की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन तेज करेगी।
प्रदर्शन में महिला नगर अध्यक्ष नेहा माहरा, कुलदीप कुमार, गोपाल सिंह देव, रमेश पंत, सोनू सिद्दीकी, अरसलान शेख, अंकित रावत, नीरज रावत, रुद्र माहरा, मनोज कोरंगा, दीपक सौंतियाल समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

