रानीखेत में गरजे पूर्व विधायक करन माहरा, राम मंदिर चंदे की निष्पक्ष जांच और अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की उठाई मांग

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राम मंदिर चंदे की पारदर्शी जांच एवं रानीखेत अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग को लेकर पूर्व विधायक करन माहरा ने की प्रेस वार्ता।

सरकार पर कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और सड़क चौड़ीकरण को लेकर साधा निशाना, शनिवार को विरोध रैली का ऐलान

रिपोर्ट- बलवन्त सिंह रावत 

रानीखेत। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक करन माहरा ने रानीखेत में आयोजित प्रेस वार्ता में राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे, सोने और अन्य दान सामग्री को लेकर उठ रहे सवालों की पारदर्शी एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

माहरा ने कहा कि देशभर के लोगों ने भगवान श्रीराम के प्रति आस्था के साथ दान दिया है, इसलिए जनता को उसके उपयोग का स्पष्ट हिसाब मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर शनिवार को रानीखेत में विरोध रैली निकाली जाएगी तथा गांव-गांव से प्रतीकात्मक रूप से चावल एकत्र कर अयोध्या भेजे जाएंगे।

प्रेस वार्ता में माहरा ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था, पेपर लीक, किसानों की समस्याओं, महिलाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार जनहित के मुद्दों पर विफल साबित हुई है और जनता के भरोसे के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

रानीखेत उप-जिला चिकित्सालय की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि अस्पताल से कई अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सकों का स्थानांतरण कर दिया गया है, जबकि पहले से ही अनेक पद रिक्त हैं।

लैब टेक्नीशियन, एम्बुलेंस चालक और अन्य कर्मचारियों की कमी के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से सभी रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने और स्थानांतरित विशेषज्ञ चिकित्सकों के मामलों की समीक्षा करने की मांग की।

करन माहरा ने यह भी दावा किया कि क्षेत्रीय विधायक जिन विकास कार्यों का उद्घाटन कर रहे हैं, वे उनके विधायक कार्यकाल में स्वीकृत कराए गए थे।

रानीखेत में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण का विरोध करते हुए माहरा ने कहा कि शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वैकल्पिक मार्गों के विकास का समर्थन किया जाएगा, लेकिन शहर के भीतर मकानों को तोड़ने या मूल स्वरूप से छेड़छाड़ का पुरजोर विरोध किया जाएगा।

प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने हाल के चर्चित शर्मा हत्याकांड का भी उल्लेख करते हुए गंभीर आपराधिक मामलों से जुड़े लोगों को कथित सरकारी संरक्षण मिलने के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की।

इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष अरुण रावत, नगर अध्यक्ष उमेश भट्ट, पीसीसी सदस्य कैलाश पांडेय, ब्लॉक अध्यक्ष प्रेम अधिकारी, कमलेश बोरा, गुसाईं राम, कुलदीप कुमार, गोपाल देव, सुंदर कुवार्बी, दीप उपाध्याय, विजय तिवारी, हेमंत बिष्ट, सोनू सिद्दीकी सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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