आपदा प्रबंधन को लेकर तहसील रानीखेत में संयुक्त मॉक ड्रिल का सफल आयोजन।
भूकंप, भूस्खलन, बाढ़ और वनाग्नि जैसी आपदाओं से निपटने की तैयारियों का लिया गया जायजा, विभिन्न विभागों ने दिखाया बेहतर समन्वय।
रिपोर्ट- बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत। जिलाधिकारी अंशुल सिंह के निर्देशन में संभावित प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से तहसील रानीखेत में संयुक्त मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और राहत-बचाव कार्यों की तैयारियों का परीक्षण करना था।
मॉक ड्रिल के दौरान भूकंप, बादल फटना, वनाग्नि, भूस्खलन, बाढ़ और वाहन दुर्घटना जैसे विभिन्न आपदा परिदृश्यों का अभ्यास किया गया। तहसीलदार दीपिका आर्या के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग, एसएसबी, वन विभाग, फायर ब्रिगेड और पुलिस विभाग की टीमों ने गांधी चौक क्षेत्र में संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान का प्रदर्शन किया।
तहसीलदार दीपिका आर्या ने बताया कि पूरे प्रदेश में विभिन्न तहसीलों में मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है। रानीखेत में भूस्खलन की स्थिति को आधार बनाकर अभ्यास किया गया। उन्होंने बताया कि इंद्रा बस्ती भूस्खलन संभावित क्षेत्र है, जहां नाले के कारण हर वर्ष खतरा बना रहता है। अभ्यास के दौरान 21 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया, जबकि 4 लोगों को मृत और 6 को गंभीर रूप से घायल दर्शाया गया। गंभीर घायलों को राजकीय चिकित्सालय भेजा गया तथा अन्य प्रभावितों को प्राथमिक उपचार के बाद राहत शिविर पहुंचाया गया।
राजकीय चिकित्सालय रानीखेत के डॉ. दीपक शर्मा ने बताया कि मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों के तहत यह मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसमें अस्पताल की टीम ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया।
मॉक ड्रिल के माध्यम से आपदा प्रबंधन तंत्र की तत्परता, विभागीय समन्वय और राहत-बचाव की क्षमता का सफल परीक्षण किया गया। इस दौरान तहसील प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, एसएसबी, वन विभाग, फायर ब्रिगेड और पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

