तीन दिवसीय आवासीय बूट कैंप के दूसरे दिन औद्योगिक भ्रमण, स्वरोजगार योजनाओं और उत्पाद विपणन पर मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
हवालबाग (अल्मोड़ा)। उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड सरकार की देवभूमि उद्यमिता योजना (DUY) के अंतर्गत एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (EDII), अहमदाबाद द्वारा हवालबाग में आयोजित तीन दिवसीय आवासीय बूट कैंप के दूसरे दिन छात्र-छात्राओं को उद्यमिता के विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ EDII के डॉ. अश्वनी तिवारी, बागेश्वर डिग्री कॉलेज की नोडल अधिकारी डॉ. सुनीता आर्य, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मानिला के डॉ. जितेंद्र प्रसाद तथा राजकीय महाविद्यालय कपकोट के नोडल अधिकारी ने संयुक्त रूप से किया।
दूसरे दिन विद्यार्थियों को केंद्र एवं राज्य सरकार की स्वरोजगार योजनाओं, उद्यम शुरू करने के कानूनी प्रावधानों, वित्तीय प्रबंधन, उत्पाद लागत निर्धारण, डिजाइनिंग, पैकेजिंग और प्रभावी मार्केटिंग रणनीतियों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान चमोली एवं रुद्रप्रयाग के परियोजना अधिकारी विनोद नेगी, नैनीताल के परियोजना अधिकारी भूपेंद्र मेहरा तथा अल्मोड़ा-बागेश्वर के परियोजना अधिकारी महेंद्र सिंह रौतेला ने विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया।
बूट कैंप के तहत प्रतिभागियों को हवालबाग स्थित ऐपण इकाई, बेकरी एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाई का औद्योगिक भ्रमण भी कराया गया, जहां उन्होंने उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग और विपणन की व्यावहारिक प्रक्रिया को करीब से समझा।
आयोजकों ने बताया कि राज्यभर में आयोजित इन बूट कैंपों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन आगामी छह दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) के लिए किया जाएगा।
योजना का उद्देश्य युवाओं को कॉलेज शिक्षा के बाद स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना तथा उत्तराखण्ड में नवाचार आधारित स्टार्टअप संस्कृति को मजबूत बनाना है।

