एक माशूका और तीन दीवाने! पति ने पकड़ा आपत्तिजनक हालत में तो प्रेमी संग रहने लगी रेखा; बनाया एक और आशिक और करवा दी हत्या
पंजाब के बटाला से एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है, जहां लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे युवक की हत्या कर उसे सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि युवक की लिव-इन पार्टनर ने अपने नए प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी।
जानकारी के अनुसार, 13 मई की सुबह बटाला के जीटी रोड स्थित गिल्लावाली गांव के पास एक ग्रे रंग की मारुति कार संदिग्ध अवस्था में खड़ी मिली। कार की ड्राइवर सीट पर पिंका सिंह का शव पड़ा था। मौके पर मौजूद उसकी लिव-इन पार्टनर रेखा लगातार पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार जल्द कराने की बात कह रही थी। शुरुआती तौर पर मामला सड़क हादसे का प्रतीत हुआ, लेकिन मृतक के भाई को घटना पर संदेह हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, रेखा की शादी पहले जोहल नंगल निवासी जतिंदर मसीह से हुई थी और उनके दो बच्चे हैं। जतिंदर मेलों में स्टॉल लगाने का काम करता था, जहां उसकी दोस्ती पिंका सिंह से थी। इसी दौरान रेखा और पिंका के बीच नजदीकियां बढ़ीं और वर्ष 2020 में रेखा अपने पति और परिवार को छोड़कर पिंका के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगी। दोनों बटाला की बैंक कॉलोनी में किराये के मकान में रह रहे थे।
जांच में सामने आया कि करीब छह महीने पहले रेखा की मुलाकात चांद नामक युवक से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। पिंका ने दोनों को कई बार आपत्तिजनक स्थिति में देखा, लेकिन रिश्ता बचाने की उम्मीद में उसने कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि उसने अपने भाई, पिता और चचेरे भाई को पहले ही आशंका जताई थी कि यदि उसके साथ कोई अनहोनी होती है तो इसके लिए रेखा और उसका नया प्रेमी चांद जिम्मेदार होंगे।
पुलिस के अनुसार, चांद लगातार रेखा पर पिंका को रास्ते से हटाने का दबाव बना रहा था। आखिरकार दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची। 12 मई को जब पिंका स्टॉल लगाने के लिए निकला तो उसने अपनी लोकेशन रेखा को भेजी। रेखा ने यह जानकारी तुरंत चांद और उसके साथियों सोना मसीह, गुरप्रीत सिंह और नवजोत सिंह को दे दी।
गिल्लावाली गांव के पास सुनसान स्थान पर आरोपियों ने पिंका की कार रोक ली। आरोप है कि चांद ने लोहे की रॉड से पिंका के सिर पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद शव को ड्राइवर सीट पर बैठाकर कार को क्षतिग्रस्त किया गया, ताकि मामला सड़क दुर्घटना लगे और पुलिस को गुमराह किया जा सके।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के लिए ₹40 हजार में सौदा तय हुआ था, जिसमें से ₹20 हजार की रकम एडवांस के तौर पर दी गई थी। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और साक्ष्य मिटाने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।


