रानीखेत में महिला कांग्रेस का भाजपा पर पलटवार, महिला आरक्षण बिल पर आरोपों को बताया भ्रामक ने

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रानीखेत महिला कांग्रेस का भाजपा पर हमला, आरोपों को बताया निराधार रानीखेत

रानीखेत में महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष गीता पवार, नगर अध्यक्ष नेहा माहरा और नगर महासचिव कुसुम जोशी ने भाजपा द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें निराधार और भ्रामक बताया है। भाजपा का दावा था कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल को गिराने में भूमिका निभाई, जिसे महिला कांग्रेस ने पूरी तरह गलत करार दिया।

महिला कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नेतृत्व में संविधान में 73वें और 74वें संशोधन लागू कर पंचायतों और शहरी निकायों में महिलाओं को भागीदारी देने का ऐतिहासिक कार्य किया गया।

वक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के आग्रह पर वर्ष 2023 में महिला आरक्षण बिल को पारित कराने में विपक्षी दलों ने एकजुट होकर समर्थन दिया, जिससे यह संभव हो पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने इस बिल को 2026 तक लागू न करके लंबित रखा है।

महिला कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने नारी वंदन (महिला आरक्षण) बिल का नहीं, बल्कि नए परिसीमन संशोधन बिल का विरोध किया था। साथ ही उन्होंने कहा कि देश को पहली महिला प्रधानमंत्री देने से लेकर लोकसभा की पहली महिला स्पीकर मीरा कुमार और पहली महिला राष्ट्रपति को समर्थन देने तक कांग्रेस का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।

उन्होंने कहा कि आज पंचायतों से लेकर नगर निकायों तक बड़ी संख्या में महिलाएं विभिन्न पदों पर कार्य कर रही हैं, जो कांग्रेस की नीतियों का परिणाम है।

महिला कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए उत्तराखंड में बढ़ते महिला अपराधों पर चिंता जताई। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले में कई भाजपा नेता अब तक चुप्पी साधे हुए हैं।

अंत में उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है और सभी दलों को महिलाओं के हित में गंभीरता से कार्य करना चाहिए।

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