क्वांटम की सदी पर नोबेल दृष्टिकोण: प्रो. एंथनी लेगेट देंगे वैश्विक ऑनलाइन व्याख्यान

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रानीखेत। विज्ञान की दुनिया में एक ऐतिहासिक क्षण को चिह्नित करते हुए, विज्ञान लोकप्रियीकरण समिति, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रानीखेत को प्रतिष्ठित Bhaktivedanta Institute, Kolkata द्वारा आगामी Quantum Foundations – Special Lectures श्रृंखला में Knowledge Partner के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह श्रृंखला 2 से 7 जून 2025 तक ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जाएगी।

इस विशेष व्याख्यान शृंखला की मुख्य प्रस्तुति नोबेल पुरस्कार विजेता प्रो. एंथनी लेगेट (University of Illinois, Urbana-Champaign, USA) देंगे, जो सुपरफ्लूइडिटी और मैक्रोस्कोपिक क्वांटम घटनाओं पर अपने क्रांतिकारी शोध के लिए विश्वविख्यात हैं।

इस अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में अन्य विशिष्ट वक्ता भी सम्मिलित हैं:
• प्रो. मार्कस पॉल म्युलर (IQOQI वियना, ऑस्ट्रिया)
• डॉ. टिम ईस्टमैन (पूर्व वैज्ञानिक, यूनिवर्सिटी ऑफ अलास्का, अमेरिका)
• रॉबर्ट जे. सुंडरलैंड (नील्स बोहर आर्काइव, कोपेनहेगन, डेनमार्क)
• प्रो. अल्फ्रेड ड्रीसेन (यूनिवर्सिटी ऑफ ट्वेंटे, नीदरलैंड)
• प्रो. एंटोनी सुवारेज (ETH ज्यूरिख, सेंटर फॉर क्वांटम फिलॉसफी)

चर्चा के मुख्य विषयों में शामिल हैं:
• क्वांटम यांत्रिकी का इतिहास
• प्राचीन एवं नवीन क्वांटम व्याख्याएँ
• बेल प्रमेय: अतीत, वर्तमान और भविष्य
• क्वांटम उलझाव एवं नॉन-लोकैलिटी
• मापन समस्या एवं यथार्थ की दार्शनिक विवेचनाएं

इस श्रृंखला का संयोजन डॉ. भारत पांडेय, संयोजक, विज्ञान लोकप्रियीकरण समिति द्वारा किया जा रहा है। वे पूर्व में भी भौतिकी और रसायन विज्ञान में दो Nobel Laureate Lecture Series का सफल आयोजन कर चुके हैं। इस भागीदारी का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को वैश्विक वैज्ञानिक विमर्श से जोड़ना और क्वांटम विज्ञान की जटिलताओं को सरल रूप में प्रस्तुत करना है।

प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पांडेय ने कहा:
“इस व्याख्यान शृंखला से हमारे महाविद्यालय को वैश्विक शैक्षिक मंच से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। यह न केवल विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन का माध्यम बनेगा, बल्कि उन्हें नोबेल विजेताओं से संवाद का भी दुर्लभ अवसर प्रदान करेगा।”

पंजीकरण हेतु लिंक (निःशुल्क):
https://forms.gle/ydgrSpEv1a7baaXE8

अधिक जानकारी हेतु वेबसाइट:
www.binstitute.org/quantumlectures

यह आयोजन विज्ञान, दर्शन और नवाचार का एक अनुपम संगम होगा — जहां क्वांटम सिद्धांतों से विचारों की नई ऊर्जा उत्पन्न होगी।

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