सखी बाजार का लोकार्पण, अब एक ही छत के नीचे मिलेंगे पहाड़ी उत्पाद।
महिला काश्तकारों को मिलेगा अपने उत्पादों का उचित मूल्य, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण को मिलेगी मजबूती
रिपोर्ट- बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत। रानीखेत में महिला स्वयं सहायता समूहों और महिला काश्तकारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। रानीखेत रोडवेज स्टेशन के समीप ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (REAP) के अंतर्गत नवनिर्मित ‘सखी बाजार’ का विधिवत लोकार्पण किया गया। विधायक प्रतिनिधि हिमानी नैनवाल, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, ब्लॉक प्रमुख बबली मेहरा एवं खंड विकास अधिकारी रेनू बिष्ट ने संयुक्त रूप से फीता काटकर बाजार का शुभारंभ किया।
सखी बाजार के शुरू होने से क्षेत्र की महिला स्वयं सहायता समूहों और महिला काश्तकारों को अपने स्थानीय एवं पारंपरिक उत्पादों के विपणन के लिए एक बेहतर और स्थायी मंच उपलब्ध हो गया है। अब महिलाओं द्वारा तैयार किए जाने वाले शुद्ध पहाड़ी उत्पाद, हस्तशिल्प, जैविक खाद्य सामग्री और स्थानीय कृषि उत्पाद एक ही स्थान पर ग्राहकों को उपलब्ध हो सकेंगे। इससे स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिलने के साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
लोकार्पण समारोह में विधायक प्रतिनिधि हिमानी नैनवाल ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सखी बाजार इसी दिशा में एक सराहनीय पहल है। इसके माध्यम से महिला काश्तकारों को अपने उत्पादों का उचित मूल्य मिल सकेगा। साथ ही रानीखेत आने वाले पर्यटकों को भी उत्तराखंड के जैविक, पारंपरिक और स्थानीय उत्पाद एक ही स्थान पर खरीदने का अवसर मिलेगा।
वहीं संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी ने कहा कि सखी बाजार की दुकान महिला स्वयं सहायता समूहों को आवंटित की जाएगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की महिलाएं अब तक सड़क किनारे अपनी सब्जियां और स्थानीय उत्पाद बेचती थीं, लेकिन अब उन्हें इस नवनिर्मित बाजार में व्यवस्थित स्थान मिलेगा। इससे महिलाओं को काफी सहूलियत होगी और उनके रोजगार एवं आय के अवसरों में वृद्धि होगी।
ब्लॉक प्रमुख बबली मेहरा ने कहा कि सखी बाजार खुलने से दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से अपने उत्पाद लेकर रानीखेत आने वाली महिलाओं को काफी लाभ मिलेगा। अब उन्हें अपने पहाड़ी उत्पादों और सब्जियों की बिक्री के लिए बेहतर स्थान मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस अवसर पर महिला काश्तकारों ने भी सखी बाजार की शुरुआत का स्वागत करते हुए इसे स्थानीय महिलाओं की आजीविका और स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य बीना बिष्ट, मंडल अध्यक्ष राम सिंह रावत, ललित मेहरा, भावना पालीवाल, तनुजा शाह, सरिता पाण्डेय, सहजाद इमरान, संदीप सिंह, विपिन बड़ोनी, दीपक कुमार, भारत गैरोला, गंगा बिष्ट सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, स्थानीय काश्तकार, महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता मौजूद रही।
सखी बाजार की शुरुआत से रानीखेत की ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए नया बाजार मिलेगा। यह पहल स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने, महिलाओं की आय बढ़ाने और पहाड़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।


