अल्मोड़ा। राजकीय महाविद्यालय, तल्ला सल्ट में ‘औण दिवस’ के अवसर पर वनाग्नि के कारण व निवारण विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ. चन्द्रा गोस्वामी ने पीपीटी स्लाइड के माध्यम से विद्यार्थियों को वनों में लगने वाली आग के कारणों और उसके दुष्परिणामों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वनाग्नि के चलते वन्य जीवों का जीवन संकट में पड़ रहा है, वहीं धारा-नौले भी सूखते जा रहे हैं। उन्होंने छात्रों को वनाग्नि से बचाव और नियंत्रण के लिए जागरूक रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में डॉ. गिरीश चन्द्र, डॉ. गरिमा पाण्डेय एवं डॉ. अंकित मनोड़ी ने भी छात्रों को वनों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदमों के बारे में जानकारी देते हुए उन्हें जागरूक किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने भी विषय पर अपने विचार साझा किए।

