कड़ाके की ठंड में लोहड़ी की गर्माहट, सीमांत रानीखेत में दिखा भाईचारे का अनुपम दृश्य
अग्नि प्रज्वलन से गूंजा सीमांत रानीखेत, लोहड़ी पर्व पर पंजाबी-कुमाऊंनी संस्कृति का संगम
रिपोर्टर – बलवंत सिंह रावत
रानीखेत। आज लोहड़ी का पावन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। कड़ाके की ठंड के बीच सीमांत रानीखेत के सभी अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों एवं जवानों व उनके परिवारों ने एकजुट हो कर अग्नि प्रज्वलित की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री दुर्गा बहादुर सोनार, उपमहानिक्षाक द्वारा अग्नि प्रज्वलित कर किया गया । उपस्थित जनसमूह ने पवित्र अग्नि की परिक्रमा की और उसमें तिल, गुड़, रेवड़ी और मूंगफली अर्पित कर क्षेत्र की खुशहाली और बेहतर फसल की कामना की।कार्यक्रम में पंजाबी लोक संस्कृति और कुमाऊंनी भाईचारे का अनूठा संगम देखने को मिला। जवानों ने भांगड़ा प्रस्तुत किया, वहीं पारंपरिक गीतों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। इस दौरान ‘सुंदर मुंदरिये’ के गीतों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
इस अवसर पर श्री दुर्गा बहादुर सोनार, उपमहानिक्षाक ने कहा कि लोहड़ी का त्योहार न केवल नई फसल के आगमन की खुशी है, बल्कि यह आपसी द्वेष को भुलाकर प्रेम और सद्भाव से रहने का संदेश देता है। लोहड़ी का त्यौहार हमारी साझा संस्कृति और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। इस तरह के आयोजन न केवल हमारी परंपराओं को जीवित रखते हैं, बल्कि समाज में एकता का संचार भी करते हैं।
समारोह मे देबासिस पाल (कमांडेंट), कुमार सुंदरम (द्वितीय कमान अधिकारी), अनिल कुमार जोशी (उप कमांडेंट), प्रभाकर (उप कमांडेंट), व अन्य अधिकारीगण एवं बल कार्मिक उपस्थित थे |


